चंडीगढ़, 24 सितंबर 2026 । पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले अमृतपाल सिंह के नेतृत्व वाले अकाली दल वारिस पंजाब दे में पूर्व प्रवर्तन निदेशालय (ED) डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह शामिल हो गए हैं। उनके साथ पंजाब पुलिस के पूर्व DSP बलविंदर सिंह सेखों ने भी पार्टी की सदस्यता ली। निरंजन सिंह ने पार्टी में शामिल होने की वजह पंजाब में नशे, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं को बताया है।
नशा तस्करी मामले में कई नेताओं से की थी पूछताछ
ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह ने पंजाब में मादक पदार्थों की समस्या तथा भ्रष्टाचार का जिक्र किया और ‘बिगड़ती’ स्थिति को लेकर चिंता जताई। वहीं चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में विचार नहीं किया है। बता दें कि निरंज सिंह मई 2021 में सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने कई चर्चित मादक पदार्थ मामलों की जांच की थी। इनमें करोड़ों रुपये के जगदीश भोला मादक पदार्थ तस्करी मामले की जांच भी शामिल है। उन्होंने पीएमएलए के तहत जांच किए गए इस मामले में पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और सरवन सिंह फिल्लौर समेत कई वरिष्ठ नेताओं से पूछताछ की थी।
निरंजन सिंह के मुताबिक, वह लंबे समय से पंजाब में नशे की समस्या के खिलाफ काम करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग स्तर पर इस समस्या के खिलाफ लड़ने के बजाय उन्हें लगा कि वारिस पंजाब दे के साथ मिलकर काम करना बेहतर होगा, क्योंकि संगठन भी नशे के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहा है।
उन्होंने पंजाब में भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। निरंजन सिंह ने कहा कि लगातार सरकारों की ओर से नशे को खत्म करने के वादे किए गए, लेकिन समस्या बनी हुई है।
बोले- राजनीति में आने का इरादा नहीं था
पार्टी में शामिल होने के बाद निरंजन सिंह ने कहा कि वह मूल रूप से राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं और राजनीति में आने की उनकी पहले कोई इच्छा नहीं थी। उन्होंने कहा कि पंजाब के मौजूदा हालात को देखते हुए वह अपनी सेवाओं और अनुभव का इस्तेमाल समाज के लिए करना चाहते हैं। चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्होंने इस बारे में कोई फैसला नहीं किया है।
अमृतपाल सिंह के नेतृत्व वाली पार्टी में शामिल होने को लेकर उनसे राजनीतिक विचारधारा और संगठन से जुड़े सवाल भी पूछे गए। निरंजन सिंह ने कहा कि संविधान सर्वोपरि होना चाहिए और कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के मामले में फैसला कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी राजनीतिक संगठन को संविधान के दायरे में रहकर ही काम करना चाहिए।
ED में रहकर इन मामलों की जांच की
निरंजन सिंह मई 2021 में ED से सेवानिवृत्त हुए थे। अपने कार्यकाल के दौरान वह पंजाब के चर्चित ड्रग मामलों की जांच से जुड़े रहे। इनमें जगदीश भोला से जुड़े बहुचर्चित ड्रग-मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच भी शामिल थी। इस मामले में उन्होंने तत्कालीन मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और सरवन सिंह फिल्लौर समेत कई वरिष्ठ नेताओं से पूछताछ की थी।
अमृतपाल की पार्टी में एक और पूर्व अधिकारी की एंट्री
निरंजन सिंह के साथ पूर्व DSP बलविंदर सिंह सेखों भी अकाली दल वारिस पंजाब दे में शामिल हुए हैं। सेखों पहले भी सक्रिय राजनीति में रह चुके हैं। उनकी एंट्री से पहले वह 2022 में लुधियाना पश्चिम से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके थे और मार्च 2025 में बीजेपी में शामिल हुए थे।
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। इसी दौर में पूर्व ED अधिकारी और पूर्व पुलिस अधिकारी का वारिस पंजाब दे से जुड़ना चर्चा में है। हालांकि, निरंजन सिंह ने स्पष्ट किया है कि उनका पार्टी में शामिल होने का प्राथमिक उद्देश्य चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि अपने अनुभव के जरिए नशे और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर काम करना है।