गाजियाबाद में सरकारी विभागों पर 295 करोड़ का हाउस टैक्स बकाया
हिंडन एयरफोर्स पर भी 27 करोड़ पेंडिंग
गाजियाबाद , 22 सितंबर 2026 । गाजियाबाद में नगर निगम के सामने हाउस टैक्स की वसूली को लेकर बड़ी चुनौती सामने आई है। सरकारी विभागों और संस्थानों पर नगर निगम का करीब 295 करोड़ रुपये का हाउस टैक्स बकाया बताया जा रहा है। इसमें कई बड़े सरकारी संस्थान और विभाग शामिल हैं, जिनसे लंबे समय से टैक्स की वसूली लंबित है।
सरकारी संपत्तियों से हाउस टैक्स की वसूली नगर निगम की आय का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। ऐसे में इतनी बड़ी राशि बकाया होने से नगर निगम के राजस्व पर भी असर पड़ता है। अब बकाया राशि की वसूली को लेकर संबंधित विभागों के साथ कार्रवाई और समन्वय की प्रक्रिया तेज किए जाने की बात सामने आ रही है।
हिंडन एयरफोर्स पर 27 करोड़ रुपये की देनदारी
सरकारी विभागों के कुल बकाये में हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर करीब 27 करोड़ रुपये का हाउस टैक्स लंबित बताया जा रहा है। यह बकाया राशि सरकारी संस्थानों पर दर्ज कुल हाउस टैक्स देनदारी का एक बड़ा हिस्सा है।
नगर निगम की ओर से बकाया संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार कर संबंधित विभागों से भुगतान कराने की कोशिश की जा सकती है। बड़े सरकारी संस्थानों से लंबित टैक्स की वसूली होने पर नगर निगम के राजस्व में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हो सकती है।
कई सरकारी संस्थान टैक्स के दायरे में
गाजियाबाद में सरकारी विभागों, कार्यालयों और अन्य संस्थानों की बड़ी संख्या में संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों पर निर्धारित हाउस टैक्स का भुगतान लंबित रहने से बकाये की राशि लगातार बढ़ सकती है। नगर निगम अब ऐसी संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगालकर बकाया राशि की स्थिति स्पष्ट करने पर जोर दे रहा है।
हाउस टैक्स नगर निगम की प्रमुख आय के स्रोतों में शामिल है। इससे शहर में सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए संसाधन जुटाने में मदद मिलती है।
295 करोड़ की वसूली से निगम को मिल सकती है बड़ी राहत
यदि सरकारी विभागों से लंबित 295 करोड़ रुपये की राशि की वसूली होती है तो नगर निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिल सकती है। इतनी बड़ी रकम मिलने से स्थानीय निकाय के पास विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं।
हालांकि बकाया राशि की वसूली सरकारी विभागों के बीच रिकॉर्ड सत्यापन, संपत्ति के आकलन और भुगतान प्रक्रिया जैसे कई चरणों पर निर्भर करेगी। कुछ मामलों में संपत्ति के स्वामित्व या टैक्स निर्धारण को लेकर भी प्रक्रिया लंबी हो सकती है।
अब बकायेदारों पर बढ़ेगा दबाव
नगर निगम की ओर से हाउस टैक्स वसूली अभियान को मजबूत किए जाने की स्थिति में सरकारी विभाग भी इसकी प्राथमिकता में रह सकते हैं। लंबे समय से लंबित मामलों में नोटिस, रिकॉर्ड सत्यापन और विभागीय स्तर पर भुगतान के लिए पत्राचार जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
गाजियाबाद में हाउस टैक्स की वसूली बढ़ाना नगर निगम के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शहर के विस्तार के साथ नागरिक सुविधाओं पर खर्च लगातार बढ़ता है। ऐसे में पुराने बकाये की वसूली से निगम के राजस्व आधार को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।