ताइवान इंडेक्स में तेजी, एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
नई दिल्ली | 9 सितंबर 2026: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बुधवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बाजारों में बढ़ी चिंता के बावजूद ताइवान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों में मजबूती दिखाई दी।
ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजार मजबूत
ताइवान का प्रमुख TAIEX इंडेक्स करीब 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। वहीं, दक्षिण कोरिया के KOSPI इंडेक्स में करीब 1.6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। तकनीकी कंपनियों, खासकर चिप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से इन बाजारों को समर्थन मिला।
जापान और हांगकांग में दबाव
दूसरी ओर, एशिया के कुछ प्रमुख बाजारों में कमजोरी देखने को मिली। जापान का Nikkei इंडेक्स करीब 0.2 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि हांगकांग का Hang Seng इंडेक्स लगभग 0.3 प्रतिशत कमजोर हुआ। पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रम और तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर निवेशकों के बीच सतर्कता बनी हुई है।
100 डॉलर के करीब पहुंचा कच्चा तेल
बाजार की नजर इस समय कच्चे तेल की कीमतों पर भी टिकी हुई है। बुधवार को Brent crude करीब 99.49 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि WTI crude करीब 94.63 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता रहा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
भारत के बाजार पर भी असर
कच्चे तेल की तेजी का असर भारतीय बाजार और रुपये पर भी दिखाई दे रहा है। बुधवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 95 के स्तर से नीचे चला गया। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
एशियाई बाजारों में अब निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया से जुड़ी अगली खबरों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों की दिशा पर बनी हुई है।