गाजियाबाद में अवैध कॉलोनियों पर GDA का शिकंजा
मुरादनगर-लोनी में बुलडोजर से ध्वस्त किए गए अवैध निर्माण
गाजियाबाद , 04 सितंबर2026 । गाजियाबाद में अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण के खिलाफ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत मुरादनगर और लोनी क्षेत्र में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण और कॉलोनी विकसित करने से जुड़े ढांचों को हटाया गया।
प्रवर्तन जोन-2 की टीम ने मुरादनगर क्षेत्र में कई स्थानों पर कार्रवाई की। शाहपुर मार्ग पर एचआरआईटी के पीछे राइस मिल के पास ग्राम मोरटा के खसरा संख्या-690 में करीब पांच बीघा क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। इसके अलावा असालतनगर के खसरा संख्या-86 में करीब 7,000 वर्ग मीटर और ग्राम मोरटा के खसरा संख्या-622 में करीब 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में भी प्लॉटिंग का काम चल रहा था। शोभापुर बंबा रोड पर गांव के उत्तर में करीब 7,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में भी अवैध निर्माण मिला। यहां मिट्टी भराव, ईंटों से चिनाई, सड़क, प्लॉटिंग और बाउंड्रीवॉल का निर्माण किया जा रहा था।
मुरादनगर और लोनी में कार्रवाई
GDA की कार्रवाई उन स्थानों पर केंद्रित रही, जहां प्राधिकरण की अनुमति के बिना कॉलोनी विकसित करने या निर्माण गतिविधियां संचालित करने की शिकायतें सामने आई थीं। कार्रवाई के दौरान निर्माणाधीन ढांचे और अन्य अवैध संरचनाओं को मशीनों की मदद से ध्वस्त किया गया।
बिना मंजूरी कॉलोनी बसाने पर सख्ती
विकास प्राधिकरण की मंजूरी के बिना जमीन को प्लॉट में बांटकर कॉलोनी विकसित करना खरीदारों के लिए भी जोखिम पैदा करता है। ऐसी कॉलोनियों में सड़क, नाली, सीवर, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का नियोजित विकास नहीं होने की समस्या सामने आ सकती है। GDA इसी तरह के अनधिकृत विकास पर रोक लगाने के लिए अभियान चला रहा है।
जमीन खरीदने वालों के लिए भी चेतावनी
अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से पहले लोगों को संबंधित जमीन और कॉलोनी का रिकॉर्ड जांचने की सलाह दी जाती है। खरीदारों को यह देखना चाहिए कि कॉलोनी को संबंधित प्राधिकरण से स्वीकृति मिली है या नहीं। केवल सड़क, बिजली या निर्माण की सुविधा उपलब्ध होने से कोई कॉलोनी वैध नहीं हो जाती।
अवैध निर्माण पर जारी रहेगा एक्शन
GDA की कार्रवाई का उद्देश्य अनधिकृत विकास पर नियंत्रण करना और क्षेत्र में नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना है। प्राधिकरण की ओर से ऐसे स्थानों की निगरानी और शिकायतों के आधार पर कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।
कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप
मुरादनगर और लोनी में बुलडोजर कार्रवाई के बाद अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। प्राधिकरण की सख्ती से उन लोगों पर दबाव बढ़ा है, जो बिना जरूरी अनुमति के जमीन पर प्लॉटिंग या निर्माण गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
गाजियाबाद में तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार के बीच अवैध कॉलोनियों का मुद्दा महत्वपूर्ण बना हुआ है। ऐसे में किसी भी जमीन या प्लॉट में निवेश करने से पहले उसके स्वीकृत नक्शे, भूमि उपयोग और संबंधित प्राधिकरण की अनुमति की जांच करना जरूरी है। इससे भविष्य में कार्रवाई, निर्माण रुकने या संपत्ति से जुड़े विवाद का जोखिम कम किया जा सकता है।