बरेली में पुलिस हिरासत से POCSO एक्ट की महिला बंदी फरार
अस्पताल से भागने पर 2 सिपाही निलंबित
बरेली, 03 सितंबर2026 । बरेली में POCSO एक्ट के तहत जेल में बंद महिला कैदी के अस्पताल से फरार होने का मामला सामने आया है। महिला को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था, जहां उसने पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भागने में सफलता हासिल कर ली। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और महिला की तलाश शुरू कर दी गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, महिला बंदी को स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी सुरक्षा और निगरानी के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसी दौरान मौका पाकर महिला अस्पताल से निकल गई। पुलिस को घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के इलाकों में तलाश अभियान चलाया गया।
मामले में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगा है। विभाग ने कार्रवाई करते हुए दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों की ओर से यह जांच की जा रही है कि महिला किस तरह सुरक्षा घेरे से बाहर निकली और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से कहां चूक हुई।
महिला के फरार होने के बाद पुलिस ने अस्पताल और उसके आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। महिला के संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी तलाश में लगाई जा सकती हैं।
इस घटना ने अस्पताल में बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। गंभीर बीमारियों या इलाज की जरूरत वाले कैदियों को अस्पताल ले जाने के दौरान पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में हुई किसी भी चूक का सीधा असर बंदी की निगरानी पर पड़ सकता है।
दो सिपाहियों के निलंबन के बाद अब विभागीय जांच में यह देखा जाएगा कि घटना के समय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं। यदि जांच में किसी अन्य स्तर पर भी लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस का मुख्य लक्ष्य फरार महिला बंदी को जल्द से जल्द पकड़ना है। उसकी तलाश के साथ-साथ अस्पताल से फरार होने की पूरी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस कार्रवाई और विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सुरक्षा में चूक किस स्तर पर हुई और महिला किस तरह अस्पताल से बाहर निकलने में सफल हुई।