देहरादून/नैनीताल, 03 सितंबर2026 । उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर में अवैध और नियमों का पालन नहीं करने वाले मदरसों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने के बाद पांच और मदरसों को सील कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में संचालित मदरसों में हड़कंप की स्थिति है।
बताया जा रहा है कि प्रशासन की ओर से मदरसों के संचालन को लेकर दस्तावेजों और निर्धारित नियमों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान जिन संस्थानों में आवश्यक मानकों या नियमों का पालन नहीं पाया गया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बाजपुर में पांच और मदरसों को सील किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश में किसी भी शिक्षण संस्थान को निर्धारित नियमों एवं मानकों की अनदेखी करते हुए संचालित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसी क्रम में उधमसिंह नगर के बाजपुर परगना क्षेत्र में प्रशासन ने आज पांच और मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। आज की कार्रवाई के तहत मदरसा गुलशन इस्लाम, कनोरा-बाजपुर, मदरसा जामिया हनकिया रजा उल उलूम, चकरपुर, मदरसा जामिया फातिमा जेहरा, जगन्नाथपुर-बाजपुर, मदरसा मोईनुल उलूम, मोहल्ला गांधीनगर, केलखेड़ा तथा मदरसा हुज्जतुल इस्लाम, गुमसानी रोड, बाजपुर को सील किया गया।
नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
मदरसों के संचालन के लिए संबंधित विभागों से जरूरी अनुमति, पंजीकरण और निर्धारित मानकों का पालन करना आवश्यक होता है। प्रशासन की जांच में यदि किसी संस्थान के दस्तावेज अधूरे मिलते हैं या निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जाता, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
बाजपुर में हुई कार्रवाई को भी इसी जांच अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि संबंधित संस्थान किन परिस्थितियों में संचालित हो रहे थे और उनके पास संचालन से जुड़े जरूरी दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।
पहले भी कई मदरसों पर हुई कार्रवाई
बाजपुर में मदरसों की जांच और कार्रवाई का सिलसिला पहले भी सामने आ चुका है। प्रशासन की ओर से अलग-अलग संस्थानों का निरीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान कमियां मिलने पर नोटिस जारी करने से लेकर सील करने तक की कार्रवाई की जा रही है।
पांच और मदरसों के सील होने के बाद प्रशासन की कार्रवाई का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है। इससे क्षेत्र में संचालित अन्य मदरसों के प्रबंधन में भी अपने दस्तावेज और निर्धारित मानकों की समीक्षा को लेकर सक्रियता बढ़ सकती है।
प्रशासन की निगरानी बढ़ी
प्रशासन का फोकस अब यह सुनिश्चित करने पर है कि क्षेत्र में संचालित शिक्षण संस्थान निर्धारित नियमों के अनुसार ही काम करें। इसके लिए संबंधित विभागों की टीमों द्वारा रिकॉर्ड की जांच और स्थल निरीक्षण किया जा सकता है।
अवैध या बिना आवश्यक अनुमति संचालित संस्थानों पर कार्रवाई का उद्देश्य प्रशासनिक नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। हालांकि, किसी संस्थान को सील किए जाने के बाद उसके प्रबंधन को उपलब्ध कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर भी मिलता है।
आगे भी जारी रह सकता है अभियान
पांच मदरसों पर हुई कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि प्रशासन की जांच आगे भी जारी रह सकती है। यदि अन्य संस्थानों में भी नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल बाजपुर में पांच और मदरसों को सील किए जाने की कार्रवाई ने इस मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन संस्थानों में किस तरह के नियमों का उल्लंघन पाया गया और आगे इनके संचालन को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।