नई दिल्ली, 02 सितंबर2026 । गरीबों के लिए आवंटित चावल को लेकर कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। 62 हजार मीट्रिक टन (MT) चावल के आवंटन से जुड़े मामले में CBI को बड़ी साजिश के संकेत मिलने की बात सामने आई है। आरोप है कि गरीबों के हिस्से के चावल के आवंटन की प्रक्रिया में कथित तौर पर कारोबारियों को फायदा पहुंचाया गया।
आरोप है कि ओपन मार्केट सेल स्कीम (डोमेस्टिक)-2025-26 के नियमों को दरकिनार कर NERAMAC को 62,000 मीट्रिक टन (MT) चावल आवंटित किया। इसमें करीब 50,645 मीट्रिक टन चावल उठाया गया, जिससे FCI को करीब 28.87 करोड़ रुपये के अनुमानित नुकसान का आरोप है।
FCI अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
आरोप है कि 8 अप्रैल को दिल्ली सरकार का प्रस्ताव FCI पहुंचा। तत्कालीन FCI दिल्ली रीजन के GM ने जांच से पहले ही अधिकारियों को चावल और भुगतान से जुड़ी जानकारी देने का निर्देश दिया। AGM सेल्स और मैनेजर सेल्स पर भी पात्रता जांचे बिना प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाने का आरोप है। OMSS नीति के अनुसार बिना ई-नीलामी चावल आवंटन की पात्रता राज्य सरकारों और उनकी कॉरपोरेशनों को थी, जबकि NERAMAC इस श्रेणी में पात्र नहीं था।