लॉरेंस बिश्नोई केस में बड़ी कार्रवाई, एयरपोर्ट से वकील गिरफ्तार

UAPA के तहत क्राइम ब्रांच की कार्रवाई

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नई दिल्ली, 27 अगस्त 2026 । जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार रात एयरपोर्ट से एक वकील को गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि आरोपी वकील के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत कार्रवाई की गई है।

  • पुलिस अफसरों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच ने सिंडिकेट से जुड़े गीता कॉलोनी के हर्ष पाल सिंह उर्फ रूबल को अप्रैल में गिरफ्तार किया था।
  • जांच में सामने आया कि वह साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस के गिरोह का खास ऑपरेटिव है।
  • गैंग की तरफ से धमकी भरे एक्सटॉर्शन कॉल रिसीव करने वाले सट्टा ऑपरेटर्स के लिए रूबल पैसों का सेटलमेंट करवाता था।
  • वह लॉरेंस के वकील दीपक उर्फ मामा के साथ खुद को सेटलमेंट फैसिलिटेटर बताता था।
  • सट्टा ऑपरेटर सन्नी फरीदाबाद और गैंगस्टर रोहित गोदारा के बीच मांडवाली भी दोनों ने करवाई थी।

ऑनलाइन सट्टे से गैंगस्टर्स तक रकम पहुंचाने का आरोप

पुलिस का दावा है कि रूबल ऑनलाइन सट्टे में लिप्त था और विदेश में बैठे गैंगस्टर्स के टारगेट पर रहने वाले बुकियों या सट्टा ऑपरेटर्स से उसके संपर्क थे। रूबल और दीपक मीडिएटर की भूमिका निभाते थे। मांडवाली के बाद मिली रकम गैंगस्टर्स तक पहुंचाई जाती थी। दोनों लॉरेंस के अलावा विदेश भाग चुके राजस्थान के गैंगस्टर रोहित गोदारा और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के गैंगस्टर राशिद केवलवाला के लिए भी बिचौलिए का काम करते थे। रूबल 2023 में लॉरेंस-गोदारा सिंडिकेट के करीबी केवलवाला के संपर्क में आया था और उससे मिलने के लिए विदेश भी जाता था।

क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई को लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े नेटवर्क की जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि गिरफ्तार वकील की भूमिका क्या थी और उसका गैंग से किस तरह का संपर्क या संबंध था।

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात एयरपोर्ट पर कार्रवाई के दौरान क्राइम ब्रांच ने वकील को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार किया। UAPA के तहत गिरफ्तारी होने के कारण मामले की जांच अब गंभीर सुरक्षा और संगठित अपराध के पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जा रही है।

क्राइम ब्रांच आरोपी से जुड़े संपर्कों, संभावित वित्तीय लेनदेन और अन्य कड़ियों की भी जांच कर सकती है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपी ने किसी तरह गैंग की गतिविधियों में सहायता की थी या उसके जरिए किसी प्रकार की जानकारी अथवा संसाधन उपलब्ध कराए गए थे।

लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े मामलों में पहले भी विभिन्न एजेंसियां उसके कथित नेटवर्क और सहयोगियों की भूमिका की जांच करती रही हैं। ऐसे में एयरपोर्ट से वकील की गिरफ्तारी को जांच के नए एंगल के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, आरोपी की वास्तविक भूमिका और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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