दिल्ली सरकार का नया प्लान, 750 MGD ट्रीटेड पानी का होगा इस्तेमाल

पीने के पानी की बर्बादी रोकने पर जोर

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नई दिल्ली, 26 अगस्त 2026 । दिल्ली सरकार ने पानी की बढ़ती मांग और भूजल दोहन को कम करने के लिए Reclaimed Water Policy 2026 की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राजधानी में रोजाना करीब 750 MGD सीवेज का ट्रीटमेंट होता है। इसमें से बड़ी मात्रा को निर्माण, बागवानी, लैंडस्केपिंग, सफाई और अन्य गैर-पेय कार्यों में इस्तेमाल करने की योजना है।

  • रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में जल संरक्षण केवल साफ पानी की आपूर्ति बढ़ाने तक सीमित नहीं है।
  • ट्रीटेड सीवरेज के पानी का भी उपयोगी संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
  • दिल्ली में करीब 750 MGD सीवरेज का ट्रीटमेंट किया जाता है। इस पानी का इस्तेमाल बागवानी, निर्माण कार्य, लैंडस्केपिंग, धुलाई, औद्योगिक कूलिंग और अन्य गैर-पेय जरूरतों के लिए किया जाएगा।
  • इस पानी की कीमत जल बोर्ड के इंफ्रास्ट्रक्चर या तय STP फिलिंग पॉइंट से पानी लेने पर 8 रुपये प्रति किलोमीटर होगी।
  • वहीं, अगर उपभोक्ता खुद पानी ले जाने की व्यवस्था करता है तो दर 5 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है।

फार्म हाउस को ट्रीटेड पानी पर लगेगा चार्ज

मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि हाउसिंग सोसायटी ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल कर अपने पानी के बिल में राहत ले सकती हैं। वहीं, फार्म हाउस के लिए इस पानी का इस्तेमाल चार्ज के साथ होगा। कनेक्शन लेने के लिए फार्म हाउस मालिकों को प्रति एकड़ एक लाख रुपये वन टाइम चार्ज देना होगा। इसके अलावा पानी के लिए 10 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रति माह की दर तय की गई है। सरकार का कहना है कि इस पॉलिसी से साफ पानी की बचत होगी और सीवरेज के ट्रीटेड पानी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा सकेगा।

फिलहाल करीब 120 MGD ट्रीटेड पानी ही दोबारा इस्तेमाल हो रहा है। सरकार का लक्ष्य उपलब्ध अतिरिक्त ट्रीटेड पानी को उपयोग में लाकर पीने योग्य पानी और भूजल पर दबाव कम करना है।

नई नीति के तहत कुछ क्षेत्रों में निर्माण और बागवानी के लिए ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल अनिवार्य किया जा सकता है। 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े निर्माण स्थलों को अधिसूचित इलाकों में धूल नियंत्रण, क्योरिंग, धुलाई और सड़क पर पानी के छिड़काव के लिए इसे इस्तेमाल करना होगा।

फार्महाउसों के लिए भी विशेष व्यवस्था प्रस्तावित है। उन्हें लॉन और अन्य पात्र गतिविधियों के लिए ट्रीटेड पानी दिया जाएगा और इसके लिए ₹10,000 प्रति एकड़ प्रति माह शुल्क तथा जहां बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं है वहां ₹1 लाख प्रति एकड़ का एकमुश्त इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज प्रस्तावित है।

ट्रीटेड पानी की सामान्य आपूर्ति के लिए ₹8 प्रति किलोलीटर की दर प्रस्तावित है, जबकि खुद परिवहन व्यवस्था करने वाले उपभोक्ताओं के लिए दर ₹5 प्रति किलोलीटर बताई गई है। सरकार का लक्ष्य 2036 तक पात्र गैर-पेय जरूरतों में 100% reclaimed water इस्तेमाल की दिशा में बढ़ना है।

इस योजना से दिल्ली में पीने योग्य पानी को मुख्य रूप से घरेलू और आवश्यक जरूरतों के लिए बचाने तथा निर्माण, बागवानी और सफाई जैसे कामों में सीवेज से तैयार ट्रीटेड पानी के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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