आबकारी केस में केजरीवाल-सिसोदिया का दिल्ली HC रुख

CBI की पुनरीक्षण याचिका खारिज करने की मांग

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नई दिल्ली, 14 अगस्त 2026 । दिल्ली के आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। दोनों नेताओं ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की उस पुनरीक्षण याचिका को खारिज करने की मांग की है, जिसमें निचली अदालत के आरोपमुक्त करने के फैसले को चुनौती दी गई है। केजरीवाल और सिसोदिया ने CBI की याचिका की स्वीकार्यता पर ही सवाल उठाते हुए इसे जल्दबाजी में दाखिल किया गया कदम बताया है। अलग-अलग अर्जियों में, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने सीबीआई की पुनरीक्षण याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, वे इस अधूरी और अस्पष्ट याचिका में उनके खिलाफ एजेंसी का मामला समझ नहीं पाए हैं।

यह मामला दिल्ली की 2021-22 आबकारी नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों का है। 27 फरवरी 2026 को निचली अदालत ने मामले में सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था। इनमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और BRS नेता के. कविता भी शामिल थीं। इसके बाद CBI ने उसी दिन निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए पुनरीक्षण याचिका दाखिल की।

17 और 18 अगस्त को होगी सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट में CBI की पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई 17 और 18 अगस्त को प्रस्तावित है। न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। अब अदालत के सामने शुरुआती सवाल यह होगा कि CBI की पुनरीक्षण याचिका कानूनी रूप से सुनवाई योग्य है या नहीं।

इसके बाद अदालत मामले के मूल तथ्यों और निचली अदालत के आरोपमुक्ति आदेश को चुनौती देने के CBI के आधारों पर विचार कर सकती है।

हाई कोर्ट के फैसले पर टिकी नजर

केजरीवाल और सिसोदिया के लिए यह मामला महत्वपूर्ण कानूनी पड़ाव है। निचली अदालत से आरोपमुक्त होने के बाद अब CBI की चुनौती पर हाई कोर्ट का रुख आगे की कानूनी स्थिति तय करने में अहम होगा।

फिलहाल दोनों नेताओं ने अदालत से CBI की पुनरीक्षण याचिका को शुरुआती स्तर पर ही खारिज करने की मांग की है। वहीं CBI का पक्ष इस मामले की अगली सुनवाई में सामने आएगा।

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