नई दिल्ली, 10 अगस्त 2026 ।दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी से जुड़े एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका कथित सरगना एक RWA अध्यक्ष निकला। पुलिस के मुताबिक आरोपी पर करीब 50 वाहन चोरी के मामलों में शामिल होने का आरोप है। समाज में जिम्मेदार पद पर रहने वाले व्यक्ति के कथित तौर पर संगठित अपराध से जुड़े होने की खबर सामने आने के बाद इलाके में भी चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक रोहिणी के रहने वाले आरोपी अमित नागर, उसके भाई बुलंदशहर निवासी प्रमोद नागर, मेरठ निवासी अशरफ सुल्तान, मणिपुरी निवासी तोइजाम नटराज सिंह और मुकेश सिंह के खिलाफ मकोका लगाने की मंजूरी 11 जुलाई को क्राइम ब्रांच के जॉइंट सीपी सुरेंद्र कुमार ने दी थी। अमित नागर को क्राइम ब्रांच ने गाड़ी चोरी के एक केस में 3 जून को गिरफ्तार किया था। मकोका के तहत उसे जेल से प्रोडक्शन रिमांड पर लाया गया। शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसका सिंडिकेट गाड़ी चोरी करने और उनको अलग-अलग राज्यों में खपाने का नेटवर्क चलाता है।
50 मामलों में आरोपी होने का दावा
पुलिस के अनुसार RWA अध्यक्ष के खिलाफ करीब 50 वाहन चोरी के मामले दर्ज हैं। इन मामलों की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपी की कथित गतिविधियों और उसके संपर्कों की जांच शुरू की है।
पुलिस अब पुराने मामलों के रिकॉर्ड और आरोपी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है। इससे गिरोह के पूरे नेटवर्क और उसके संचालन के तरीके का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
चोरी की गाड़ियों के नेटवर्क की जांच
वाहन चोरी के मामलों में पुलिस आमतौर पर चोरी की गाड़ियों को बेचने, उनके पुर्जे अलग करने या दूसरे राज्यों में भेजने वाले नेटवर्क की भी जांच करती है। इस मामले में भी पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी किए गए वाहनों का क्या किया जाता था।
आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और अन्य संदिग्धों से संपर्क की जांच से पुलिस को गिरोह के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है।