नामी स्कूल परिसर में अवैध गतिविधियों का खुलासा, पुलिस छापेमारी में दो आरोपी गिरफ्तार

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देहरादून , 15 मई 2026 । उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के एक नामी निजी स्कूल से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित तौर पर अवैध गतिविधियां संचालित होने की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, मामला कैंट थाना क्षेत्र के किशन नगर एक्सटेंशन स्थित एक नामी प्लेग्रुप स्कूल का है। पुलिस द्वारा रेस्क्यू की गई युवतियां उत्तर प्रदेश (मेरठ), हरियाणा (फरीदाबाद) और मेघालय की रहने वाली हैं। पूछताछ में युवतियों ने रूह कंपा देने वाली आपबीती सुनाई है। उन्होंने बताया कि उन्हें अच्छी कंपनियों में नौकरी का लालच देकर देहरादून बुलाया गया था और फिर यहां बंधक बनाकर उनके साथ दुष्कर्म किया गया। इतना ही नहीं, उनके अश्लील वीडियो भी बना लिए गए। बाद में इन्हीं वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उन्हें इस दलदल में धकेला गया। इस पूरे मामले में क्रूरता की हदें तब पार हो गई, जब पता चला कि मेघालय की युवती को उसके अपने ही प्रेमी ने चंद रुपयों और शराब के लालच में दलालों के हवाले कर दिया था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि स्कूल परिसर का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। इसके बाद विशेष टीम बनाकर छापा मारा गया। जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ की गई और मौके से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं तथा यह गतिविधियां कब से संचालित की जा रही थीं।

घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने स्कूल प्रबंधन की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस ने फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार डिजिटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

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