14 दिन बाद खत्म हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, सरकार और कर्मचारियों के बीच कई मांगों पर बनी सहमति

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रोहतक , 14 मई 2026 । लगातार 14 दिनों तक चली सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद कई प्रमुख मांगों पर सहमति बनने से गतिरोध खत्म हुआ। हड़ताल खत्म होने के बाद शहरों में सफाई व्यवस्था दोबारा सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है।

रोहतक में राज्य स्तरीय प्रधान नरेश शास्त्री के साथ सफाई कर्मचारी व अग्निसमन कर्मचारियों की बैठक के बाद हड़ताल को वापस लेने की घोषणा की गई है। सफाई कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 15220,मृत्यु होने पर 5 लाख की सहायता आश्रितों को नौकरी जैसी 12 मांगों पर सरकार के साथ सहमति बनी। वही अग्निशमन कर्मचारियों की भी हड़ताल आज समाप्त हो गई है।

हड़ताल के दौरान कई इलाकों में कूड़े का ढेर लगने, सफाई व्यवस्था प्रभावित होने और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और सरकार पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ता जा रहा था। आखिरकार कई दौर की वार्ता के बाद दोनों पक्ष समझौते पर पहुंचे।

सूत्रों के अनुसार कर्मचारियों की वेतन वृद्धि, स्थायी नियुक्ति, सुरक्षा उपकरण, समय पर भुगतान और कार्य परिस्थितियों में सुधार जैसी मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी।

कर्मचारी संगठनों ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद उनकी आवाज सुनी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार अब किए गए वादों को समय पर लागू करेगी। वहीं प्रशासन ने सफाई कर्मचारियों से जल्द काम पर लौटने और शहरों में सफाई व्यवस्था सामान्य करने की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सफाई कर्मचारी शहरी व्यवस्था का बेहद अहम हिस्सा होते हैं और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान जरूरी है। लंबे समय तक हड़ताल चलने से स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

हड़ताल समाप्त होने के बाद अब नगर निकाय और प्रशासनिक टीमें तेजी से सफाई अभियान चलाने की तैयारी में जुट गई हैं। कई शहरों में अतिरिक्त संसाधन लगाकर जमा कचरा हटाने का काम शुरू किया जा सकता है।

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने हड़ताल खत्म होने पर राहत जताई है। कई नागरिकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में कर्मचारियों और सरकार के बीच संवाद बेहतर रहेगा ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

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