“देश का डीप टेक कैपिटल बनेगा यूपी” — राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर CM योगी का बड़ा विजन, जनता को लिखा प्रेरणादायक पत्र
लखनऊ , 11 मई 2026 । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम एक विशेष पत्र जारी करते हुए उत्तर प्रदेश को देश का “डीप टेक कैपिटल” बनाने का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में तकनीक, नवाचार, स्टार्टअप और डिजिटल विकास को राज्य की नई पहचान बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश भारत के तकनीकी विकास का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “मेरे युवा साथियों, तकनीक समय की तरह है। तकनीक के साथ नहीं चलना, समय से पिछड़ जाना है। तकनीक के साथ चलने का अर्थ सुदृढ़ वर्तमान एवं स्वर्णिम भविष्य की दिशा में अग्रसर होना है। नवीनतम तकनीक सीखें, नवाचार अपनाएं एवं आत्मनिर्भर प्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।”
मुख्यमंत्री योगी ने पत्र में कहा कि राज्य सरकार लगातार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि निवेश, स्टार्टअप इकोसिस्टम और नई टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण नीतियां लागू की हैं। इसी का परिणाम है कि देश-विदेश की बड़ी कंपनियां अब उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए रुचि दिखा रही हैं।
Uttar Pradesh को टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में सरकार द्वारा विकसित हो रहे डाटा सेंटर पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जोन और आईटी पार्क को मुख्यमंत्री ने बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने और उन्हें भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य में स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल शिक्षा को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और युवाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारत की तकनीकी प्रगति में उत्तर प्रदेश की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक केवल विकास का माध्यम नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है।
राजनीतिक और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि योगी सरकार अब उत्तर प्रदेश की छवि को केवल कृषि और पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे हाई-टेक और इनोवेशन आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रही है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर जारी यह पत्र उसी व्यापक विजन का हिस्सा माना जा रहा है।