केदारनाथ धाम में नया नियम लागू: अब बिना टोकन नहीं होंगे बाबा केदार के दर्शन
रुद्रप्रयाग , 06 मई 2026 । उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिला अंतर्गत स्थित भगवान शिव के 11वें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम में दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। अब श्रद्धालुओं को बाबा केदार के दर्शन के लिए टोकन सिस्टम अनिवार्य रूप से अपनाना होगा। बिना टोकन के किसी भी भक्त को मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वहीं मंगलवार को आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय एवं पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राजीव स्वरूप ने धाम पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने धाम क्षेत्र में संचालित व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं एवं तीर्थ पुरोहितों से सीधे संवाद कर यात्रा संबंधी कठिनाइयों एवं सुझावों की जानकारी ली और मौके पर ही उनके समाधान हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।
यह नया नियम तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या और भीड़ प्रबंधन की चुनौतियों को देखते हुए लागू किया गया है। हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचते हैं, जिससे कई बार लंबी कतारें और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है। टोकन सिस्टम लागू होने से दर्शन प्रक्रिया को चरणबद्ध और नियंत्रित किया जा सकेगा।
प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से टोकन प्राप्त कर सकेंगे। टोकन पर निर्धारित समय स्लॉट दिया जाएगा, जिसके अनुसार ही मंदिर में प्रवेश मिलेगा। इससे भीड़ एक साथ इकट्ठा नहीं होगी और दर्शन अधिक सुगम हो पाएंगे।
इसके अलावा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अन्य दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। जैसे—यात्रा से पहले पंजीकरण, मौसम की जानकारी लेना, और आवश्यक मेडिकल जांच कराना। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव भी मिलेगा। साथ ही आपातकालीन स्थितियों से निपटने में भी यह सिस्टम सहायक साबित होगा।
यात्रियों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और निर्धारित समय के अनुसार ही मंदिर पहुंचें, ताकि सभी को सुरक्षित और सहज दर्शन का लाभ मिल सके।