INDIA गठबंधन का संसद में सख्त रुख—महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर टकराव तेज

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नई दिल्ली, 16 अप्रैल 2026 । देश की राजनीति में एक नया मोड़ तब देखने को मिला जब विपक्षी गठबंधन INDIA गठबंधन ने संसद के दोनों सदनों में ‘महिला आरक्षण’ और ‘परिसीमन बिल’ का कड़ा विरोध करने का ऐलान किया। इस फैसले के साथ ही आगामी सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और राजनीतिक गतिरोध के आसार बढ़ गए हैं।

विपक्षी दलों का मानना है कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन के जरिए चुनावी गणित बदलना चाहती है। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े संशोधन विधेयक पेश करेंगे। सरकार ने लोकसभा में ‘नियम 66’ को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा है ताकि महिला आरक्षण और परिसीमन बिलों को एक साथ चर्चा कर पारित किया जा सके। विपक्ष ने सरकार की इस जल्दबाजी पर भी सवाल उठाए हैं। प्रस्तावित बिल के तहत लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने की योजना है। विपक्ष का आरोप है कि इससे राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन बिगड़ जाएगा।

महिला आरक्षण बिल’ को जहां केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्षी दल इसे लागू करने के समय और प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। INDIA गठबंधन का मानना है कि इस बिल को तत्काल लागू करने के बजाय जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू करना चाहिए। उनका तर्क है कि बिना स्पष्ट जनसंख्या आंकड़ों के यह आरक्षण असंतुलन पैदा कर सकता है।

वहीं ‘परिसीमन बिल’ को लेकर भी विपक्ष का रुख बेहद आक्रामक है। गठबंधन के नेताओं का कहना है कि परिसीमन के जरिए सीटों के पुनर्वितरण से कुछ राज्यों को अनुचित लाभ मिल सकता है, जबकि अन्य राज्यों के प्रतिनिधित्व में कमी आ सकती है। खासकर दक्षिण भारत के राज्यों में इस मुद्दे को लेकर पहले से ही चिंता जताई जा रही है।

गठबंधन का यह भी आरोप है कि सरकार इन दोनों अहम विधेयकों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है। विपक्ष का कहना है कि महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे को व्यापक सहमति के साथ लागू किया जाना चाहिए, न कि इसे जल्दबाजी में पास किया जाए।

इस बीच, संसद के आगामी सत्र में इन मुद्दों पर जोरदार बहस की संभावना है। विपक्ष जहां इन विधेयकों को रोकने के लिए रणनीति बना रहा है, वहीं सरकार इन्हें पास कराने के लिए पूरी ताकत झोंक सकती है। इससे संसद में हंगामे और कार्यवाही प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।

कुल मिलाकर, INDIA गठबंधन का यह ऐलान आने वाले दिनों में देश की राजनीति को और गरमा सकता है, जहां महिला सशक्तिकरण और प्रतिनिधित्व जैसे अहम मुद्दे राजनीतिक रणनीति का केंद्र बनते नजर आएंगे।

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