दिल्ली, 25 मार्च 2026 । एक दर्दनाक हादसे के बीच मानवता और साहस की मिसाल पेश करते हुए एक कॉन्स्टेबल ने कई लोगों की जान बचाकर ‘देवदूत’ की भूमिका निभाई। डबल डेकर बस से जुड़े इस हादसे में कई यात्री सीटों के नीचे फंस गए थे, जहां स्थिति बेहद भयावह हो गई थी और बाहर निकलना मुश्किल हो गया था।
करोल बाग में बीती रात यात्रियों से भरी बस पलटी तो लोगों ने फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी। थाने के स्टाफ के अलावा इलाके में गश्त कर रहा स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। पुलिस वहां पहुंची तो हैरान करने वाला मंजर था। बस पलटी हुई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री घायल अवस्था में मदद के लिए चिल्ला रहे थे, जबकि कुछ लोग बस के अंदर बुरी तरह फंस गए थे। ऐसे मुश्किल हालात में मौके पर मौजूद कॉन्स्टेबल ने बिना अपनी जान की परवाह किए राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
उन्होंने बस के अंदर घुसकर सीटों के नीचे फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। सीमित संसाधनों और समय के दबाव के बावजूद उन्होंने एक-एक कर कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। उनकी तत्परता और सूझबूझ के चलते बड़ा हादसा टल गया और कई जिंदगियां बच सकीं।
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर बचाव कार्य होने से कई लोगों की हालत गंभीर होने से बच गई।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन ने कॉन्स्टेबल की बहादुरी की जमकर सराहना की। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें ‘हीरो’ बता रहे हैं और उनके साहस को सलाम कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और प्रशिक्षण ही ऐसे चमत्कार संभव बनाते हैं। यह घटना न केवल पुलिस की जिम्मेदारी को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सही समय पर लिया गया फैसला कई जिंदगियां बचा सकता है।