उत्तराखंड/ नई टिहरी , 24 मार्च 2026 । कोट गांव में स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत ने सुरक्षा और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है। इसके तहत अब बिना अनुमति किसी भी बाहरी व्यक्ति के गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
गांव के दोनों मुख्य रास्तों पर चेतावनी बोर्ड लगा कर उन पर जुर्माने की राशि को भी अंकित कर दिया गया है। बाहरी लोग सामान बेचने और कबाड़ एकत्रित करने के नाम के बिना रोक-टोक के गांव के अंदर घुस जाते हैं जिससे गांव में अनहोनी की आशंका बनी रहती है। महिला मंगल दल की अध्यक्ष माला देवी ने कहा कि गांव में बाहरी लोगों के आने पर प्रतिबंध लगाया जाना जरूरी है। इसके लिए महिला मंगल से जुड़ी महिलाएं और नव युवक समिति का सहयोग लिया जाएगा। ग्राम प्रधान ने गुनसोला ने बताया जुर्माने की जो भी धनराशि एकत्रित होगी उसका उपयोग गांव में होने वाले सार्वजनिक कार्यों में लाया जाएगा।
क्यों लिया गया फैसला?
गांव के लोगों और प्रशासन का कहना है कि यह कदम निम्न कारणों से उठाया गया—
- संदिग्ध गतिविधियों पर नियंत्रण
- बाहरी लोगों की अनियंत्रित आवाजाही को रोकना
- स्थानीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना
हाल के दिनों में कुछ ऐसी घटनाएं सामने आई थीं, जिनके बाद ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई थी। इसी के चलते पंचायत ने यह सख्त निर्णय लिया।
क्या हैं नए नियम?
- गांव में आने वाले बाहरी लोगों को पहले अनुमति लेनी होगी
- पहचान और उद्देश्य की जानकारी देना अनिवार्य होगा
- नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी
क्या हो सकता है असर?
इस फैसले से गांव की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है, लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि इससे आम आवाजाही और सामाजिक संपर्क प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे फैसलों में संतुलन जरूरी होता है ताकि सुरक्षा के साथ-साथ नागरिकों के अधिकार भी प्रभावित न हों।
कुल मिलाकर, कोट गांव का यह निर्णय सुरक्षा के लिहाज से सख्त कदम माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में साफ दिखाई देगा।