नई दिल्ली/केरल , 23 मार्च 2026 । केरल की राजनीति में नया विवाद सामने आया है, जहां भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन (जिन्हें अक्सर चंद्रशेखर नाम से भी संबोधित किया जाता है) की उम्मीदवारी को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की मांग उठाई है।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि चंद्रशेखर का बेंगलुरु के पॉश इलाके कोरमंगला में 49,000 स्क्वॉयर फीट का बंगला है। जिसकी कीमत करीब 200 करोड़ रुपए के आसपास है।
केरल कांग्रेस ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि राजीव चंद्रशेखर आदतन अपराधी हैं। उन्हें लगता है कि वे इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को बार-बार गुमराह कर सकते हैं। उनके एफिडेविट से यह भी पता चलता है कि अरबपति बिजनेसमैन होने के बावजूद उनके पास कोई रहने की प्रॉपर्टी या कार नहीं है।
हम आपसे रिक्वेस्ट करते हैं कि इस मामले में दखल दें और पीपल्स रिप्रेजेंटेशन एक्ट के तहत कैंडिडेट को डिसक्वालिफाई करें। नहीं तो, जनता सवाल करेगी कि क्या चुनाव आयोग निष्पक्ष काम कर रहा है कि नहीं।
आरोप लगाया जा रहा है कि नामांकन से जुड़े दस्तावेजों, शपथ पत्र या अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियां हैं, जिसके आधार पर चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की गई है। विरोध करने वालों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष चुनावी मैदान में मुकाबला करने के बजाय इस तरह के आरोप लगाकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। के. सुरेंद्रन ने भी खुद पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने सभी नियमों का पालन किया है।
चुनाव आयोग के सामने अब यह मामला जांच के दायरे में आ सकता है, जहां दस्तावेजों की सत्यता और नियमों के अनुपालन की जांच की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो उम्मीदवारी पर असर पड़ सकता है, अन्यथा यह विवाद राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रह सकता है।
कुल मिलाकर, केरल में यह मुद्दा चुनावी माहौल को गरमाने वाला साबित हो रहा है, जहां सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं।