पटना, 21 मार्च 2026 । बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफे को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या राज्य को 30 मार्च से पहले नया मुख्यमंत्री मिल सकता है।
बिहार की राजनीति इन दोनों एक बार फिर से पूरे देश में चर्चा के केंद्र में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं। ऐसे में अब इस बात को लेकर कई तरह की संभावनाएं जताई जा रही है कि वो विधानसभा परिषद की सदस्यता से कब इस्तीफा देंगे और मुख्यमंत्री की कुर्सी कब छोड़ेंगे।
राजनीतिक गलियारों में चल रही अटकलों के मुताबिक, सत्ता परिवर्तन की संभावनाएं लगातार मजबूत होती नजर आ रही हैं। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। नीतीश कुमार की ओर से भी इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, जिससे सस्पेंस और बढ़ गया है।
जनता दल (यूनाइटेड) के अंदरूनी समीकरण और सहयोगी दलों के साथ तालमेल इस पूरे घटनाक्रम में अहम भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संभावित राजनीतिक बदलाव के लिए अपनी रणनीति तैयार कर रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस्तीफा होता है, तो यह केवल पद परिवर्तन नहीं होगा, बल्कि बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में नया मुख्यमंत्री कौन होगा और उसकी कार्यशैली कैसी होगी, यह भी चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
हालांकि, यह भी संभव है कि ये सभी अटकलें केवल राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हों और अंतिम समय में स्थिति पूरी तरह अलग दिशा में चली जाए।
फिलहाल, बिहार की जनता और राजनीतिक पर्यवेक्षक दोनों ही आने वाले दिनों का इंतजार कर रहे हैं, जब यह स्पष्ट होगा कि राज्य की सत्ता की कमान किसके हाथ में जाएगी।