“दिल्ली में बिल्डरों और मालिकों को राहत: अब 25% इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज पर ही मिलेगी NOC”
नई दिल्ली , 21 मार्च 2026 । दिल्ली में रियल एस्टेट सेक्टर और प्रॉपर्टी मालिकों के लिए बड़ी राहत भरा फैसला लिया गया है। दिल्ली सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज को लेकर नियमों में बदलाव करते हुए अब केवल 25 फीसदी भुगतान पर ही NOC (No Objection Certificate) जारी करने की अनुमति दे दी है।
राष्ट्रीय राजधानी के आम उपभोक्ताओं और डेवलपिंग एजेंसियों को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज से जुड़ी एक महत्वपूर्ण और व्यावहारिक नीति सुधार को मंजूरी दी है। लंबे समय से आईएफसी की उच्च दरें दिल्ली में निर्माण और पुनर्विकास के लिए बड़ी बाधा बनी हुई थीं। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के नेतृत्व में डीजेपी ने एक अंतरिम लेकिन प्रभावी समाधान लागू किया है, जिससे उन लाखों लोगों को तुरंत राहत मिलेगी जिनके प्रोजेक्ट्स ऊंचे आईएफसी के कारण रुके हुए थे।
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो लंबे समय से इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज के कारण अपनी संपत्ति से जुड़े काम पूरे नहीं कर पा रहे थे। पहले पूरी राशि जमा किए बिना NOC नहीं मिलती थी, जिससे कई प्रोजेक्ट और रजिस्ट्रेशन अटके रहते थे।
सरकार का कहना है कि इस कदम से रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी आएगी और रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिलेगी। साथ ही, प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिससे राजस्व में भी सुधार हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला मध्यम वर्ग और छोटे बिल्डरों के लिए खास तौर पर फायदेमंद साबित होगा। कम शुरुआती भुगतान के साथ NOC मिलने से वित्तीय दबाव कम होगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि इससे सरकार के राजस्व पर अल्पकालिक असर पड़ सकता है, लेकिन लंबे समय में यह निर्णय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाकर लाभ पहुंचा सकता है।
कुल मिलाकर, इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज में यह राहत दिल्ली के रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति देने और लोगों की समस्याओं को कम करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।