रूस से सस्ता तेल खरीद सकेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

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नई दिल्ली, 06 मार्च 2026 ।भारत की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण विकास सामने आया है। अब भारत को रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने का अवसर मिल सकता है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है। वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच यह कदम भारत के लिए आर्थिक रूप से भी लाभकारी माना जा रहा है।

भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का संकट फिलहाल खत्म हो गया है, क्योंकि भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की शर्तों के साथ छूट मिल गई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिन का स्पेशल लाइसेंस दिया है। ये लाइसेंस 3 अप्रैल तक वैलिड रहेगा।

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने 6 मार्च को बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प के ऊर्जा एजेंडे के तहत यह अस्थायी कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण पार्टनर हैं और ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई को स्थिर रखने के लिए यह छूट दी गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत और Russia के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा चल रही है। यदि सस्ते दामों पर कच्चा तेल खरीदने की व्यवस्था होती है तो इससे भारत की आयात लागत कम हो सकती है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, इसलिए किफायती तेल आपूर्ति देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस से सस्ता तेल मिलने पर भारत की रिफाइनरी कंपनियों को भी फायदा होगा। कम कीमत पर कच्चा तेल मिलने से पेट्रोलियम उत्पादों की लागत कम हो सकती है और इसका असर घरेलू बाजार में भी दिखाई दे सकता है।

वैश्विक स्तर पर रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव के कारण तेल बाजार में कई नए समीकरण बने हैं। ऐसे में भारत ने संतुलित कूटनीति अपनाते हुए अपनी ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता दी है। भारत पहले भी रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदता रहा है और इससे देश को काफी आर्थिक लाभ हुआ है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह व्यवस्था लंबे समय तक जारी रहती है तो भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति अधिक स्थिर और किफायती हो सकती है। इससे उद्योगों और परिवहन क्षेत्र को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है।

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