अलीगढ़ में खटारा बस कागज पर फिट, सड़क पर अनफिट: 4 साल की बच्ची की मौत

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अलीगढ़ , 02 मार्च 2026 । अलीगढ़ में एक दर्दनाक हादसे ने परिवहन व्यवस्था और स्कूल प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया। चार साल की मासूम बच्ची की स्कूल बस से जुड़ी दुर्घटना में मौत के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर कैसे एक जर्जर और तकनीकी रूप से अनफिट बस को “कागजों पर फिट” घोषित कर सड़कों पर दौड़ने की अनुमति मिल गई।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़-कासगंज सीमा से सटे क्षेत्र में 28 फरवरी 2026 को हुआ एक बेहद दुखद और लापरवाही से भरा स्कूल बस हादसा है. ये घटना गंगीरी-कासगंज रोड पर ढोलना इलाके नगला साधु के पास में हुई, जहां एक चलती स्कूल बस का फर्श अचानक टूट गया, जिससे बस में सवार एक छोटी छात्रा नीचे गिर गई और बस के पिछले पहिए के नीचे आकर उसकी मौत हो गई. अनन्या UKG या छोटी कक्षा की छात्रा थी. वो अपने बड़े भाई के साथ स्कूल माउंट देवा इंटरनेशनल से बस का नंबर UP 81 BT-8873 (स्कूल बस)अपने घर लौट रही थी. बस की हालत जर्जर थी. चलते-चलते अचानक बस का फर्श टूट गया. अनन्या सीट से नीचे सड़क पर गिर गई और बस का पिछला पहिया उसके सिर और छाती पर चढ़ गया, जिससे मौके पर ही मौत हो गई.

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या फिटनेस जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है? यदि निरीक्षण सही तरीके से हुआ होता, तो संभव है कि यह हादसा टल सकता था। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की बात कही है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या फिटनेस जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है? यदि निरीक्षण सही तरीके से हुआ होता, तो संभव है कि यह हादसा टल सकता था। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की बात कही है।

अलीगढ़ की यह घटना केवल एक परिवार का निजी दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। बच्चों की सुरक्षा से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। कागजों पर नियमों का पालन पर्याप्त नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त निगरानी और जवाबदेही ही ऐसी त्रासदियों को रोक सकती है।

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