रांची ED ऑफिस में जांच करने पहुंची झारखंड पुलिस, केंद्र–राज्य टकराव से बढ़ी सियासी हलचल
रांची, 15 जनवरी 2026 । झारखंड की राजधानी रांची में उस वक्त राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब झारखंड पुलिस की टीम प्रवर्तन निदेशालय (ED) के ऑफिस में जांच के लिए पहुंची। यह घटनाक्रम केंद्र और राज्य सरकार के बीच पहले से चल रहे तनाव को और गहरा करता नजर आया। ED कार्यालय में पुलिस की मौजूदगी को असामान्य माना जा रहा है और इसे जांच एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र से जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, झारखंड पुलिस किसी विशेष मामले में तथ्यों की जांच और दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए ED ऑफिस पहुंची थी। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई कानून के तहत की गई नियमित जांच का हिस्सा है। वहीं, ED से जुड़े अधिकारियों का पक्ष है कि केंद्रीय एजेंसी के कामकाज में इस तरह की दखलअंदाजी सवाल खड़े करती है और इससे जांच की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ दल ने इसे राज्य के अधिकारों और संघीय ढांचे से जोड़ते हुए केंद्र पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। वहीं, विपक्षी दलों का कहना है कि राज्य सरकार जांच एजेंसियों पर दबाव बनाकर खुद को बचाने की कोशिश कर रही है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, ED एक केंद्रीय जांच एजेंसी है और उसके मामलों में राज्य पुलिस की भूमिका सीमित होती है। हालांकि, अगर कोई मामला राज्य पुलिस के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा है, तो समन्वय और कानूनी प्रक्रिया के तहत जानकारी मांगी जा सकती है। ऐसे मामलों में प्रक्रिया और अनुमति बेहद अहम हो जाती है, ताकि संस्थागत टकराव न हो।
रांची ED ऑफिस में झारखंड पुलिस की जांच ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि केंद्र और राज्य के बीच जांच एजेंसियों की सीमाएं कहां तय होती हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर कानूनी और राजनीतिक स्तर पर और चर्चा होने की संभावना है।