फरवरी से ₹15 वाली सिगरेट ₹18 की हो सकती है: टैक्स, लागत और महंगाई का असर, उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ
नई दिल्ली, 01 जनवरी 2026 । सिगरेट पीने वालों के लिए फरवरी से झटका लग सकता है, क्योंकि ₹15 में मिलने वाली सिगरेट की कीमत बढ़कर ₹18 तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। बाजार सूत्रों और उद्योग से जुड़े संकेतों के अनुसार, यह संभावित बढ़ोतरी उत्पादन लागत, टैक्स स्ट्रक्चर और महंगाई के दबाव का नतीजा हो सकती है। अगर कीमतों में यह इजाफा होता है, तो इसका सीधा असर रोज़ाना उपभोग करने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा।
अगले महीने से सिगरेट की कीमतें 20% तक बढ़ सकती है। इसकी वजह है सरकार की और से लगाई गई एक्साइज ड्यूटी। इसे लेकर 31 दिसंबर को एक नोटिफिकेशन जारी किया है।
इसके मुताबिक 1 फरवरी 2026 से सिगरेट की प्रति 1,000 स्टिक्स पर 2,050 रुपए से लेकर 8,500 रुपए तक की ड्यूटी ली जाएगी। बाजार जानकारों का कहना है कि टैक्स के इस बोझ को कम करने के लिए कंपनियां सिगरेट की कीमतें बढ़ा सकती है।
सरकार ने सेस खत्म किया तो ड्यूटी बढ़ा दी
सिगरेट पर अभी तक 28% GST के साथ ‘कंपनसेशन सेस’ लगता था। इससे कुल टैक्स 50% से ज्यादा हो जाता था। 3 सितंबर को किए गए बदलाव के बाद सिगरेट पर GST को बढ़ाकर 40% कर दिया गया, लेकिन सेस हटा दिया। नई दरें फरवरी 2026 से लागू होंगी।
अगर सरकार एक्साइज को लेकर कुछ नहीं करती तो सिगरेट सस्ती हो जाती। रेवेन्यू बचाने के लिए सरकार ने सेस की जगह अब परमानेंट एक्साइज ड्यूटी लगा दी है। नई दरें ₹2,050 से लेकर ₹8,500 प्रति 1,000 सिगरेट तय की गई हैं, जो पुराने टैक्स के मुकाबले काफी ज्यादा हैं।
सरकारी स्तर पर भी तंबाकू उत्पादों को लेकर सख्त रुख अपनाया जाता रहा है। स्वास्थ्य कारणों से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर उच्च कर नीति को सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में जरूरी बताया जाता है। कीमत बढ़ने से खपत में कमी लाने का उद्देश्य भी नीति निर्माताओं की रणनीति का हिस्सा माना जाता है, ताकि धूम्रपान से जुड़ी बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सके।
खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि अगर कीमतें बढ़ती हैं, तो शुरुआती दिनों में बिक्री पर असर पड़ सकता है, लेकिन समय के साथ उपभोक्ता नई कीमतों के अनुरूप खुद को ढाल लेते हैं। वहीं, कुछ उपभोक्ता सस्ती ब्रांड्स या वैकल्पिक उत्पादों की ओर रुख कर सकते हैं। कुल मिलाकर, बाजार में मांग और आपूर्ति का संतुलन नए सिरे से बन सकता है।
कुल निष्कर्ष यही है कि फरवरी से ₹15 वाली सिगरेट के ₹18 तक पहुंचने की संभावना न केवल उपभोक्ताओं की जेब पर असर डालेगी, बल्कि तंबाकू उद्योग और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति—दोनों के लिहाज से अहम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में कंपनियों और सरकार की ओर से इस पर आधिकारिक स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।