नई दिल्ली, वनडे वर्ल्डकप के फाइनल में मिली हार भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद भावनात्मक क्षण थी। इस हार के बाद टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने पहली बार अपने जज़्बातों को खुलकर सामने रखा। रोहित ने स्वीकार किया कि फाइनल में हारने के बाद वह अंदर से पूरी तरह टूट चुके थे और कई दिनों तक उस सदमे से बाहर नहीं निकल पाए।
रोहित शर्मा ने कहा कि वर्ल्डकप में टीम का सफर शानदार रहा था। लीग स्टेज से लेकर सेमीफाइनल तक भारत ने लगातार जीत दर्ज की और फाइनल में भी टीम को प्रबल दावेदार माना जा रहा था। ऐसे में खिताब हाथ से निकल जाना उनके लिए व्यक्तिगत तौर पर भी बेहद दर्दनाक अनुभव था। उन्होंने माना कि कप्तान होने के नाते हार की जिम्मेदारी सबसे ज्यादा उन्हें ही महसूस हुई।
पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने एक कार्यक्रम में बताया कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल हारने के बाद वे मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गए थे। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने क्रिकेट छोड़ने तक का मन बना लिया था।
रोहित रविवार को एक कार्यक्रम में थे। उन्होंने कहा, 2023 वर्ल्ड कप फाइनल हारने के बाद लग रहा था कि मैं इस खेल को और नहीं खेलना चाहता, क्योंकि इसने मुझसे सब कुछ छीन लिया था। मेरे अंदर खेलने की ताकत ही नहीं बची थी।
भारत ने रोहित की कप्तानी में वनडे वर्ल्ड कप 2023 में लगातार 10 मैच जीते थे और फाइनल तक पहुंचा था। लेकिन अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर खिताब जीता था।
उन्होंने यह भी कहा कि फाइनल की हार ने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया। कुछ समय के लिए क्रिकेट से दूरी बनाना ही एकमात्र रास्ता लग रहा था। हालांकि परिवार और करीबी लोगों के समर्थन ने उन्हें दोबारा मजबूत बनने में मदद की। रोहित ने माना कि ऐसे बड़े टूर्नामेंट की हार खिलाड़ी को भीतर तक तोड़ देती है, लेकिन वही अनुभव आगे और बेहतर बनने की प्रेरणा भी देता है।
रोहित शर्मा ने टीम इंडिया के भविष्य को लेकर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा टीम में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और युवा खिलाड़ी आने वाले समय में भारत को बड़े खिताब जरूर दिलाएंगे। वर्ल्डकप की हार भले ही एक कड़वी याद हो, लेकिन इससे सीख लेकर टीम और मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी।
रोहित के इस बयान के बाद फैंस ने उनके जज़्बातों को समझा और सोशल मीडिया पर उनका समर्थन किया। कई प्रशंसकों का मानना है कि रोहित की ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता ही उन्हें एक महान कप्तान बनाती है।