नई दिल्ली, टेस्ट में मिली हार किसी भी टीम को अंदर से झकझोर देती है, लेकिन भारतीय टीम की खासियत यह है कि वे हर प्रारूप को बिल्कुल अलग दृष्टिकोण से देखते हैं। टेस्ट की निराशा को पीछे छोड़कर अब टीम इंडिया वनडे सीरीज़ में एक नई शुरुआत करने को तैयार है। सवाल यही है—क्या भारत वनडे में टेस्ट का हिसाब बराबर कर पाएगा? आइए इसकी गहराई से पड़ताल करें। साउथ अफ्रीका ने 25 साल बाद भारत में टेस्ट सीरीज जीती और 2-0 से हराकर क्लीन स्वीप भी किया। अब दोनों टीमों के बीच 3 वनडे की सीरीज 30 नवंबर से रांची में शुरू होगी। यहां दिग्गज रोहित शर्मा और विराट कोहली वापसी करेंगे, उनके आने से टीम मजबूत हो रही है। भारत के पास टेस्ट में मिली शर्मनाक हार का हिसाब चुकाने का मौका भी रहेगा।
साउथ अफ्रीका ने टी-20 फाइनल का हिसाब बराबर किया
भारत ने 2024 के टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में साउथ अफ्रीका को ही 7 रन से हराकर टाइटल जीता था। टीम इंडिया ने तो चौथी बार लिमिटेड ओवर्स का वर्ल्ड कप जीता, लेकिन साउथ अफ्रीका को पहले टाइटल से दूर कर दिया। उस मैच के करीब डेढ़ साल बाद दोनों टीमें एक-दूसरे के सामने भिड़ीं। साउथ अफ्रीका ने भारत में भारत को टेस्ट सीरीज हराई और अपनी हार का हिसाब चुकता कर लिया।
साउथ अफ्रीका को भारत में आखिरी सीरीज जीत 2000 में मिली थी। उसके बाद से टीम ने यहां 5 सीरीज खेलीं, 3 गंवाईं और 2 ड्रॉ कराईं। भारत के 25 साल के इस दबदबे को प्रोटियाज टीम ने खत्म कर दिया। अब वनडे सीरीज के 3 मैच 30 नवंबर, 3 दिसंबर और 6 दिसंबर को खेले जाएंगे। भारत यहां 3-0 से जीतकर टेस्ट की हार के जख्म को कुछ हद तक कम कर सकता है।
वनडे में साउथ अफ्रीका का पलड़ा भारी वनडे क्रिकेट में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 58 मैच खेले गए। 27 में भारत और 30 में साउथ अफ्रीका को जीत मिली। इस दौरान एक मुकाबला बेनतीजा रहा। भारत अब 3-0 से जीतकर हेड टु हेड में साउथ अफ्रीका के दबदबे को खत्म कर सकता है। क्लीन स्वीप से वनडे में दोनों टीमों की जीत-हार का रिकॉर्ड बराबर हो जाएगा।