मुंबई, 27 नवम्बर 2025 । ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स और फर्जी निवेश योजनाओं से जुड़े फ्रॉड लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन 72 साल के भरतभाई के साथ हुआ मामला देश के सबसे बड़े साइबर-इन्वेस्टमेंट फ्रॉड में से एक बन गया है। भरतभाई ने महज़ कुछ महीनों में 35 करोड़ रुपये खो दिए—वह भी ऐसी सोच में कि उनका पैसा तेजी से बढ़ रहा है। असल में उनके खाते की हर ग्रोथ, हर चार्ट और हर प्रॉफिट स्क्रीन—सब नकली थे।
यह घटना बताती है कि किस तरह तकनीक, विश्वास और लालच का मिश्रण ठगों को करोड़ों का खेल खेलने का मौका दे देता है।
एक 72 साल के बुजुर्ग बिजनेसमैन को ट्रेडिंग स्कैम में 35 करोड़ रुपए गंवाने पड़े हैं। मुंबई के माटुंगा वेस्ट के रहने वाले भरत हरखचंद शाह ने ब्रोकरेज फर्म ग्लोब कैपिटल मार्केट लिमिटेड पर अनऑथराइज्ड ट्रेडिंग का आरोप लगाया है।
बुजर्ग बिजनेसमैन को चार साल इस फ्रॉड के बारे में पता चला, जिसके बाद उन्होंने FIR दर्ज कराई है। अब मुंबई पुलिस की इकॉनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) इसकी जांच कर रही है।
72 साल के भरतभाई शाह के पिताजी ने 70-80 के दशक में काफी सारे शेयर खरीदकर रखे थे। भरतभाई को मार्केट की ABC भी ठीक से नहीं आती। बस हर साल डिविडेंड आ जाता था, वही काफी था। 2020 की बात है। एक पुराने दोस्त मिले।
बोले, ‘भाई, तुम्हारे शेयर तो यूं ही पड़े हैं। एक बहुत अच्छी ब्रोकरेज फर्म है- ग्लोब कैपिटल, इसमें अपने शेयर इनके पास (कोलैटरल) रख दो, ये लोग ट्रेडिंग करेंगे। तुम्हें कुछ नहीं करना, बस बैठे-बैठे हर साल 15-18% का मुनाफा आएगा।’
इस पर शाह ने खुद और पत्नी के नाम से ग्लोब कैपिटल के साथ डीमैट अकाउंट खोला और सारे पुराने शेयर इसमें ट्रांसफर कर दिए। फर्म से जुड़े लोगों ने उन्हें बताया कि कोई एक्स्ट्रा इन्वेस्टमेंट की जरूरत नहीं है, पर्सनल गाइड्स मिलेंगे जो पोर्टफोलियो मैनेज करेंगे।
इसके बाद कंपनी से दो लड़के आते हैं- अक्षय बरिया और करण सिरोया। इनको शाह का ‘गाइड’ बनाया गया। बोले, ‘अंकल, आप बिल्कुल टेंशन मत लो। हम आपका पोर्टफोलियो मैनेज करेंगे। शुरुआत में फोन पर ऑर्डर प्लेस करने को कहते थे। फिर घर पर आना शुरू कर दिया।
कर्मचारियों ने शाह से OTP मांगना शुरू किया और धीरे-धीरे अकाउंट पर फुल कंट्रोल ले लिया। मार्च 2020 से जून 2024 तक हर साल जो स्टेटमेंट उन्हें ईमेल पर मिलता था, उसमें हमेशा “प्रॉफिट” दिखाया जाता था। इसलिए शाह को कोई शक नहीं हुआ।