चक्रवात मोन्था कमजोर पड़ा, लेकिन नेपाल तक असर

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नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 25 । अरब सागर से उठा चक्रवात मोन्था (Cyclone Montha) अब कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसके प्रभाव से भारत के कई उत्तरी और पर्वतीय इलाकों में मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह चक्रवात अब निम्न दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया है, फिर भी इसके कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और नेपाल के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज़ हवाएँ चलने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि चक्रवात के कमजोर पड़ने के बावजूद इससे उत्पन्न नमी और हवाओं की दिशा में बदलाव के चलते अगले 24 से 48 घंटों तक अस्थिर मौसम बना रहेगा। दिल्ली-एनसीआर में भी हल्की बारिश और ठंडी हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। वहीं, नेपाल के तराई इलाकों में भूस्खलन और जलभराव का खतरा बना हुआ है।

चक्रवात मोन्था लगातार कमजोर हो रहा है। लेकिन, इसका असर कई राज्यों में देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी बारिश जारी है। यूपी के लखनऊ-कानपुर समेत 15 शहरों में बारिश हो रही है। काशी में बारिश से जलभराव हो गया है।

बुधवार को मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। वहीं, भोपाल, इंदौर-उज्जैन में तेज हवा चली। इससे तापमान में कमी आई है। उज्जैन में तापमान 23 डिग्री पहुंच गया। राजस्थान के जयपुर, अलवर, करौली सहित कई जिलों में गुरुवार सुबह तेज बूंदाबांदी हुई। इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।

इधर, चक्रवात मोन्था ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उड़ीसा में काफी नुकसान किया है। आंध्र प्रदेश में तीन लोगों की मौत हो गई, 42 मवेशी मारे गए और करीब 1.5 लाख एकड़ में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। तेलंगाना के कई हिस्सों में तेज बारिश जारी है। सूर्यापेट में पेड़ गिरने से बाइक सवार की मौत हो गई। खम्मम जिले में एक ट्रक ड्राइवर के बह जाने की भी खबर है।

उधर, नेपाल में चक्रवात ‘मोन्था’ के असर से लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है। नेपाली मौसम विभाग ने 26 जिलों में बाढ़ और भूस्खलन का अलर्ट जारी किया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि “मोन्था” ने एक बार फिर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को रेखांकित किया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ही क्षेत्रों में चक्रवाती गतिविधियाँ पहले की तुलना में अधिक तीव्र और अनिश्चित हो गई हैं। यह स्थिति आने वाले समय में तटीय राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है।

सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें और असुरक्षित क्षेत्रों से दूर रहें।

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