पाकिस्तान , 10 अक्टूबर 2025 । पाकिस्तान में गाजा शांति योजना के समर्थन में आयोजित प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क उठी है, जिससे देशभर में तनाव और असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
गाजा में ट्रम्प के पीस प्लान का समर्थन करने को लेकर पाकिस्तान में तनाव बढ़ गया है। कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) ने इसे लेकर शुक्रवार को प्रदर्शन किया।
इन्होंने अमेरिकी दूतावास के तरफ मार्च करने की कोशिश की जिसे लेकर उनकी पुलिस से झड़प हो गई। इसमें कम से कम 2 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हैं।
TLP आज इस्लामाबाद में मार्च निकाल रही है। इसे रोकने के लिए सरकार ने राजधानी की ओर जाने वाली प्रमुख सड़कें ब्लॉक कर दीं और इस्लामाबाद व रावलपिंडी में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी है।
TLP नेता को गिरफ्तार करने की कोशिश की तो भड़की हिंसा
इस प्रदर्शन की शुरुआत तब हुई जब गुरुवार देर रात पंजाब पुलिस ने TLP मुख्यालय पर छापा मारकर इसके नेता साद रिजवी को गिरफ्तार करने की कोशिश की। इस दौरान हुई झड़पों में कई लोग घायल हुए, जिनमें करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि शहर के अंदर और बाहर की सड़कें बंद कर दी गई हैं। दंगा रोकने के लिए पुलिस को प्रमुख रास्तों पर तैनात किया गया और सरकारी दफ्तरों व विदेशी दूतावासों वाले रेड जोन को पूरी तरह सील कर दिया गया।
पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने एक आदेश में कहा कि रात 12 बजे से अगले आदेश तक इन दोनों शहरों में 3G/4G सेवाएं बंद रहेंगी।
रावलपिंडी में भी धारा 144 लागू
रावलपिंडी जिला प्रशासन ने भी 11 अक्टूबर तक धारा 144 लागू कर दी, जिसके तहत कोई भी प्रदर्शन, रैली, जुलूस, धरना या लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं हो सकता। पुलिस अधिकारी हसन वकार चीमा ने कहा कि संवेदनशील जगहों पर हिंसा का खतरा है।
पूरे पंजाब में 10 दिनों के लिए धारा 144 लागू है, जिसमें चार या ज्यादा लोगों के जमा होने और हथियार दिखाने पर रोक है। हालांकि, नमाज, शादी, अंतिम संस्कार, दफ्तर और अदालतों को छूट दी गई है।
2017 में हुई थी TLP की स्थापना
TLP की स्थापना 2017 में खादिम हुसैन रिजवी ने की थी। वे पंजाब के धार्मिक विभाग में काम करते थे, लेकिन 2011 में सलमान तासीर की हत्या करने वाले मुमताज कादरी का समर्थन करने पर नौकरी से निकाले गए।
2016 में कादरी को सजा होने पर TLP ने ईश निंदा के मुद्दे पर देशव्यापी प्रदर्शन शुरू किए। खादिम ने फ्रांस के खिलाफ भी भड़काऊ बयान दिए। उनकी मृत्यु के बाद 2023 में बेटे साद रिजवी ने संगठन संभाला।