रूस का यूक्रेन पर बड़ा हमला, कीव में बिजली-पानी संकट; 37 की मौत
रूस ने 289 ड्रोन, 17 बैलिस्टिक और 59 क्रूज मिसाइलों से यूक्रेन के कई क्षेत्रों को निशाना बनाया। कीव में बिजली और पानी की सप्लाई बाधित हुई। जापोरिज्जिया में स्कूल और भूमिगत आश्रय पर हमले के बाद मलबे में लोगों की तलाश जारी है।
यूक्रेन , 4 नवंबर 2026 | रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमला किया है। 3 नवंबर को हुए इस हमले में बिजली संयंत्रों, सबस्टेशनों और ट्रांसमिशन नेटवर्क को निशाना बनाया गया। इसका असर राजधानी कीव समेत देश के कई क्षेत्रों में देखने को मिला।
289 ड्रोन और 76 मिसाइलों से हमला
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने रातभर में 289 हमलावर ड्रोन, 17 बैलिस्टिक मिसाइल और 59 क्रूज मिसाइलें दागीं। हमले ओडेसा, चेर्कासी, झाइटोमिर, विनित्सिया, खारकीव, निप्रो, चेर्निवत्सी, चेर्निहाइव और रिव्ने सहित कई क्षेत्रों में किए गए।
यूक्रेन की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनी DTEK के मुताबिक, उसके पांच थर्मल पावर प्लांट में से तीन पर हमलों के कारण बिजली उत्पादन बंद करना पड़ा। सरकारी ऊर्जा ऑपरेटर Ukrenergo ने कई क्षेत्रों में आपातकालीन बिजली कटौती लागू की।
कीव में बिजली और पानी की सेवाएं प्रभावित
हमलों के बाद कीव और आसपास के इलाकों में कई घंटों तक बिजली और पानी की सप्लाई प्रभावित रही। सार्वजनिक परिवहन पर भी असर पड़ा। बिजली संकट के कारण ट्राम और ट्रॉलीबस सेवाओं को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
हालांकि, मरम्मत कार्य के बाद 4 नवंबर को कीव में पानी की सप्लाई बहाल कर दी गई और आपातकालीन बिजली कटौती भी समाप्त कर दी गई। इसके बावजूद ऊर्जा नेटवर्क को हुए नुकसान के कारण आगे भी बिजली व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है।
जापोरिज्जिया में 37 लोगों की मौत
यूक्रेन के दक्षिणी जापोरिज्जिया क्षेत्र के कोमिशुवाखा गांव में 2 नवंबर को एक स्कूल और उसके पास बने भूमिगत आश्रय पर रूसी निर्देशित बमों से हमला हुआ। स्कूल का इस्तेमाल स्थानीय लोगों को मानवीय सहायता बांटने के लिए किया जा रहा था।
एसोसिएटेड प्रेस की 4 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में 37 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। करीब 38 अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई। बचावकर्मी लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं। मृतकों में पुलिसकर्मी और बचाव दल के सदस्य भी शामिल हैं।
शांति वार्ता से पहले बढ़ा तनाव
इन हमलों के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच 10 और 11 नवंबर को अबू धाबी में शांति वार्ता प्रस्तावित है। ऐसे समय में ऊर्जा ठिकानों और नागरिक सहायता केंद्रों पर हमलों ने युद्ध समाप्त होने की उम्मीदों को झटका दिया है।
फिलहाल यूक्रेन में ऊर्जा सुविधाओं की मरम्मत और बचाव अभियान जारी है। सर्दियों से पहले बिजली और हीटिंग व्यवस्था को सुरक्षित रखना यूक्रेन सरकार के सामने बड़ी चुनौती बन गया है।