मसूरी में क्रैश बैरियर के बावजूद लगाई जा रही रेलिंग, MDDA के निर्माण कार्य पर उठे सवाल

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मसूरी ,03 नवंबर 2026 | उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मसूरी में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) के निर्माण कार्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सड़क किनारे पहले से क्रैश बैरियर लगे होने के बावजूद वहां दोबारा रेलिंग लगाने का काम किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों और अन्य संबंधित पक्षों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि जब सड़क पर पहले से सुरक्षा के इंतजाम मौजूद हैं, तो अतिरिक्त रेलिंग लगाने की जरूरत क्यों पड़ी?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे काम में जरूरत और प्राथमिकता का ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि मसूरी में कई ऐसे संवेदनशील स्थान हैं, जहां सड़क किनारे रेलिंग नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। लेकिन वहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के बजाय पहले से क्रॉस बैरियर लगे स्थानों पर ही नया निर्माण कराया जा रहा है। लोगों के मुताबिक यह सरकारी धन के उपयोग की योजना और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

पहले से मौजूद क्रैश बैरियर के बावजूद नया निर्माण

मसूरी की सड़कों पर दुर्घटनाओं को रोकने और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए पहले से क्रैश बैरियर लगाए गए हैं। इसके बावजूद MDDA की ओर से कुछ स्थानों पर नई रेलिंग लगाने का काम किया जा रहा है। इसी वजह से निर्माण कार्य की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि किसी भी नए निर्माण से पहले मौजूदा व्यवस्थाओं का आकलन किया जाना चाहिए।

MDDA के काम की जरूरत पर उठे सवाल

इस परियोजना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अतिरिक्त रेलिंग वास्तव में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाएगी? यदि पहले से लगे क्रैश बैरियर पर्याप्त हैं, तो नए निर्माण की आवश्यकता और उसके तकनीकी आधार को स्पष्ट करना जरूरी है। वहीं, यदि अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत है तो MDDA को इसकी वजह सार्वजनिक करनी चाहिए।

सरकारी धन के इस्तेमाल पर भी चर्चा

निर्माण कार्य को लेकर खर्च होने वाली सरकारी राशि और परियोजना की उपयोगिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। किसी भी विकास परियोजना में बजट का सही इस्तेमाल और उसकी वास्तविक जरूरत का आकलन महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में MDDA से परियोजना की लागत, स्वीकृति और तकनीकी रिपोर्ट जैसी जानकारियां सार्वजनिक करने की मांग उठ सकती है।

मसूरी की सड़क सुरक्षा भी अहम मुद्दा

मसूरी पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां सड़क सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। घुमावदार रास्तों और ढलानों पर क्रैश बैरियर, रेलिंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद करते हैं। इसलिए किसी भी अतिरिक्त निर्माण का फैसला तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

MDDA से जवाबदेही की मांग

अब इस मामले में MDDA की ओर से स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण होगा। प्राधिकरण को बताना होगा कि किन स्थानों पर रेलिंग लगाई जा रही है, इसका उद्देश्य क्या है और पहले से मौजूद क्रैश बैरियर के साथ इसका क्या संबंध है।

कुल मिलाकर, मसूरी में क्रैश बैरियर के बावजूद नई रेलिंग लगाने का मामला विकास कार्यों की योजना, पारदर्शिता और सरकारी धन के उपयोग पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि MDDA इन सवालों का क्या जवाब देता है और निर्माण कार्य के पीछे की वास्तविक जरूरत क्या है।

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