नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026 | त्योहारी सीजन के बीच सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को चांदी की कीमत में एक दिन में ₹6,678 की कमी दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी का भाव घटकर करीब ₹1,83,800 रह गया। इससे पहले गुरुवार को इसका भाव लगभग ₹1,90,478 था।
सोने की कीमतों में भी गिरावट आई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,364 सस्ता होकर करीब ₹1.41 लाख पर पहुंच गया। अक्टूबर महीने में अब तक चांदी ₹37,029 और सोना ₹7,247 तक सस्ता हो चुका है।
फेस्टिव सीजन में सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 6,678 रुपए घटकर 1.84 लाख रुपए पर आ गई है, जो गुरुवार को 1.90 लाख रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,364 रुपए गिरकर 1.41 लाख रुपए आ गया है।
चांदी इस महीने 37,029 रुपए और सोना 7,247 रुपए सस्ता हुआ है। इससे पहले 1 अक्टूबर 2026 को एक किलो चांदी के दाम 2.20 लाख रुपए और 10 ग्राम सोना 1.48 लाख रुपए पर थे।
सोना-चांदी की कीमत में गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर मजबूत होने और बड़े निवेशकों के ऊंचे दामों पर बिकवाली करने से हो रही है।
अक्टूबर में चांदी ₹37 हजार से ज्यादा टूटी
IBJA के आंकड़ों के मुताबिक, 1 अक्टूबर को एक किलो चांदी का भाव करीब ₹2,20,829 था। 30 अक्टूबर को यह घटकर ₹1,83,800 पर आ गया। इस तरह महीने के दौरान चांदी की कीमत में ₹37,029 की गिरावट दर्ज की गई।
सोने के भाव में भी नरमी रही। 1 अक्टूबर को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना करीब ₹1,48,000 के स्तर पर था, जो अब घटकर लगभग ₹1,40,753 रह गया है। यानी अक्टूबर में सोना करीब ₹7,247 सस्ता हुआ है।
ऑल टाइम हाई से ₹1.96 लाख सस्ती हुई चांदी
इस साल जनवरी में चांदी की कीमतों ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ था। 29 जनवरी 2026 को एक किलो चांदी का भाव करीब ₹3.86 लाख तक पहुंच गया था। अब मौजूदा भाव के मुकाबले यह करीब ₹1.96 लाख सस्ती हो चुकी है।
सोने की कीमतों में भी रिकॉर्ड स्तर से गिरावट आई है। 29 जनवरी को 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.76 लाख तक पहुंचा था। मौजूदा कीमत के आधार पर इसमें लगभग ₹35 हजार की कमी आई है।
सोना-चांदी सस्ता होने की क्या वजहें हैं?
कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल को अहम माना जा रहा है। बाजार रिपोर्टों में इसके कुछ प्रमुख कारण बताए गए हैं:
- डॉलर में मजबूती: अमेरिकी डॉलर मजबूत होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।
- मुनाफावसूली: पहले कीमतों में तेज उछाल के बाद बड़े निवेशकों की बिकवाली से भाव नीचे आ सकते हैं।
- औद्योगिक मांग को लेकर चिंता: चांदी का इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उद्योगों में होता है। औद्योगिक मांग को लेकर अनिश्चितता भी इसकी कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
- वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव: अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हालात और निवेशकों की रणनीति का असर घरेलू सर्राफा बाजार पर भी पड़ता है।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के बीच खरीदारी करने वालों को कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखनी चाहिए।
- सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क और उसकी शुद्धता जरूर जांचें।
- चांदी की खरीदारी में भी शुद्धता और वजन की पुष्टि करें।
- ज्वेलरी के बिल में मेकिंग चार्ज और GST की जानकारी देखें।
- खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से उसी दिन का भाव पता करें।
- निवेश के लिए केवल हालिया गिरावट को आधार न बनाएं। कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है।
अलग-अलग बाजारों में भाव हो सकते हैं अलग
IBJA का रेट राष्ट्रीय बेंचमार्क के रूप में इस्तेमाल होता है। ज्वेलर्स के खुदरा भाव में स्थानीय प्रीमियम, मेकिंग चार्ज और टैक्स के कारण अंतर हो सकता है। इसलिए ग्राहकों को खरीदारी से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांचना चाहिए।
फिलहाल अक्टूबर में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी एक महीने में करीब ₹37 हजार और सोना ₹7 हजार से ज्यादा सस्ता हुआ है। ऐसे में खरीदारों और निवेशकों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय बाजार की अगली चाल पर बनी हुई है।