नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026 | दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की मांगों पर नया आदेश जारी करते हुए छात्र संघ के संविधान को मंजूरी देने और लागू करने के लिए 15 मई 2027 की समयसीमा तय कर दी है। इसके बाद छात्र संघ चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया है। खास बात यह है कि जामिया में करीब 20 साल से छात्र संघ के चुनाव नहीं हुए हैं।
29 अक्टूबर 2026 को रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से जारी आदेश के बाद छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल समाप्त कर दी। अब विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति की बहाली और चुनाव की तैयारियों पर ध्यान दिया जाएगा।
इस हिसाब से 27 अगस्त 2027 तक चुनाव होने की संभावना है। हालांकि, यह तारीख 16 जुलाई से सेशन शुरू होने के अनुमान पर आधारित है। 15 मई 2027 तक स्टूडेंट यूनियन का संविधान तैयार करने का आदेश गुरुवार रात करीब नौ बजे वाइस चांसलर प्रो. मजहर आसिफ और रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी धरनास्थल पर पहुंचे।
रजिस्ट्रार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आंदोलन में शामिल होने के कारण जारी किए गए सभी शो-कॉज नोटिस, डिसिप्लिनरी एक्शन, रस्टिकेशन, सस्पेंशन और कैंपस बैन के आदेश वापस लिए जाएंगे। एडमिनिस्ट्रेशन ने प्रदर्शनकारी छात्रों से आंदोलन और भूख हड़ताल तत्काल खत्म करने को भी कहा था। जामिया में स्टूडेंट यूनियन 2006 से बंद है।
15 मई 2027 तक तैयार होगा छात्र संघ का संविधान
विश्वविद्यालय प्रशासन के नए आदेश के मुताबिक, जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन (JMISU) के संविधान को 15 मई 2027 तक मंजूरी देकर लागू किया जाएगा। संविधान में छात्र संघ के गठन, पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों, चुनाव प्रक्रिया और संगठन के संचालन से जुड़े नियम निर्धारित होंगे।
इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से गठित समिति संबंधित नियमों और सुझावों पर काम करेगी। संविधान तैयार करते समय छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों की राय भी शामिल की जाएगी।
जुलाई 2027 के बाद छह सप्ताह के भीतर होंगे चुनाव
छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के बाद विश्वविद्यालय चुनाव की अधिसूचना जारी करेगा। प्रशासन के आदेश के अनुसार, चुनाव अगले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के छह सप्ताह के भीतर कराए जाएंगे।
विश्वविद्यालय का अगला शैक्षणिक सत्र 16 जुलाई 2027 से शुरू होने का कार्यक्रम है। इस हिसाब से अगस्त 2027 के आसपास छात्र संघ चुनाव होने की संभावना है। हालांकि, मतदान की अंतिम तारीख चुनाव अधिसूचना में स्पष्ट होगी।
18 दिन की भूख हड़ताल के बाद खत्म हुआ आंदोलन
छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर जामिया में 12 अक्टूबर से विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल चल रही थी। आंदोलन में शामिल छात्रों की प्रमुख मांग थी कि विश्वविद्यालय प्रशासन चुनाव कराने के लिए निश्चित समयसीमा घोषित करे।
पहले प्रशासन ने संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद चुनाव कराने की बात कही थी, लेकिन छात्रों ने इसे पर्याप्त नहीं माना। उनका कहना था कि संविधान कब तैयार होगा, इसकी कोई निश्चित तारीख नहीं दी गई है।
29 अक्टूबर को प्रशासन ने 15 मई 2027 की समयसीमा घोषित की। इसके बाद छात्रों ने आंदोलन और भूख हड़ताल समाप्त करने का फैसला किया।
प्रदर्शनकारी छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंदोलन से जुड़े छात्रों को राहत देते हुए शो-कॉज नोटिस, अनुशासनात्मक कार्रवाई, निष्कासन, निलंबन और कैंपस में प्रवेश पर प्रतिबंध से संबंधित आदेश वापस लेने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा प्रशासन ने 2 नवंबर 2026 से ऑफलाइन कक्षाएं दोबारा शुरू करने की जानकारी दी है। इससे विश्वविद्यालय में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां बहाल होने का रास्ता भी खुल गया है।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में आखिरी बार 2005 में छात्र संघ चुनाव हुए थे। इसके बाद 2006 में छात्र संघ भंग कर दिया गया था। तब से विश्वविद्यालय में निर्वाचित छात्र संघ की व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी थी।
अब करीब दो दशक बाद चुनाव कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। ऐसे में 2027 का छात्र संघ चुनाव जामिया के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
अब विश्वविद्यालय की गठित समिति संविधान को अंतिम रूप देकर 15 मई 2027 तक उसे मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया पूरी करेगी। इसके बाद चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। फिर मतदाता सूची तैयार करने, उम्मीदवारों के नामांकन और चुनाव प्रचार जैसी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
इस तरह जामिया में छात्र संघ चुनाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब सभी की नजर संविधान की मंजूरी और अगस्त 2027 में संभावित चुनाव कार्यक्रम पर रहेगी।