मानसा, पंजाब, 27 अक्टूबर 2026| पंजाब के मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। मामले में न्याय की मांग कर रहे परिजनों और समर्थकों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस घटना ने पंजाब में नशे के अवैध कारोबार और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
13 अक्टूबर को हुई थी हत्या
उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 13 अक्टूबर को मानसा में एक मेडिकल स्टोर पर परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गोलीबारी में चार अन्य लोग भी घायल हुए थे। झोटा नशे के खिलाफ सक्रिय थे। घटना के बाद परिवार और समर्थकों ने मामले की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
धरने के बीच जांच CBI को सौंपी गई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब सरकार ने जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्णय लिया। रिपोर्टों के मुताबिक, CBI ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है। इससे परिवार की प्रमुख मांगों में से एक पर कार्रवाई हुई है, लेकिन विरोध प्रदर्शन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
अंतिम संस्कार को लेकर भी गतिरोध
26 अक्टूबर तक प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, मृतक के पार्थिव शरीर के पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार को लेकर परिवार तथा प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन पाई थी। परिवार और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए थे। धरने के कारण स्थानीय यातायात और व्यापार पर असर पड़ने की खबरें भी सामने आई हैं।
नशे के खिलाफ कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगे और मामले में किसी भी तरह की लापरवाही की निष्पक्ष जांच हो। अब सभी की नजरें CBI की जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के पीछे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।