देहरादून, 26 अक्टूबर 2026 | उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी ऑडियो को लेकर चर्चा में आईं अभिनेत्री उर्मिला सनावर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। हरिद्वार में गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद अब देहरादून की डालनवाला कोतवाली में भी उनके खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत में सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम, भाजपा नेता बीएल संतोष और आरती गौड़ के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को क्या की गई शिकायत
पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि हरिद्वार रोड स्थित सीबीआई कोर्ट के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वीडियो में उर्मिला सनावर मीडिया के कैमरों और माइक के सामने सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम, बीएल संतोष और आरती गौड़ के खिलाफ बिना किसी न्यायिक आदेश या प्रमाण के आपत्तिजनक और मानहानिकारक व्यक्तिगत आरोप लगा रही हैं।
शिकायत में कहा गया है कि इस तरह के बयान प्रसारित होने से संबंधित व्यक्तियों की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही समाज में भ्रम, आक्रोश और वैमनस्य फैलने की आशंका जताई गई है। शिकायत के आधार पर उर्मिला के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पहले किस मामले में हुई थी गिरफ्तारी?
उर्मिला सनावर को हरिद्वार पुलिस ने पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी की शिकायत पर गिरफ्तार किया था। शिकायत में कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये मांगने, धमकी देने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस कार्रवाई के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की खबर सामने आई। ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इन पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
अंकिता भंडारी केस से क्या है संबंध?
उर्मिला सनावर का नाम अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी ऑडियो के कारण भी सुर्खियों में रहा है। वर्ष 2022 में ऋषिकेश के पास वनंतरा रिजॉर्ट में काम करने वाली अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तीन आरोपियों को मई 2025 में दोषी ठहराकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
बाद में वायरल हुए कथित ऑडियो को लेकर वीआईपी की भूमिका पर सवाल उठे। उर्मिला सनावर ने इस प्रकरण में कुछ दावे किए, जिनमें दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी चर्चा में आया। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है; किसी व्यक्ति का नाम सामने आने मात्र से उसकी संलिप्तता साबित नहीं होती।
कथित ऑडियो की जांच के सिलसिले में उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने सीबीआई अदालत में नार्को-एनालिसिस और पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सहमति जताई थी। हालांकि, उर्मिला की गिरफ्तारी के बाद अदालत में आगे की प्रक्रिया प्रभावित होने की खबर आई है।
इस मामले में अगली सुनवाई और जांच की प्रगति अहम होगी। फिलहाल देहरादून में दर्ज नए मुकदमे में पुलिस आरोपों की जांच कर रही है और उर्मिला सनावर के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।