बिहार MLC चुनाव: अनंत सिंह के खिलाफ नीतीश कुमार की रणनीति? मोकामा विधायक की भूमिका क्यों चर्चा में!

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पटना, 23 अक्टूबर 2026 | बिहार की राजनीति में MLC चुनाव के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मोकामा के विधायक अनंत सिंह के बीच राजनीतिक खींचतान चर्चा का विषय बन गई है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह ने खुलकर मोर्चा खोला और जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया। इस घटनाक्रम ने जेडीयू के भीतर मतभेदों को सामने ला दिया है।

क्रेन से अनंत सिंह को पहनाया माला

बिहार के मोकामा क्षेत्र के बाहुबली और जेडीयू नेता अनंत सिंह का स्वागत करते समय समर्थकों द्वारा उन्हें क्रेन की मदद से एक बड़ी और भारी फूलों की माला पहनाई गई थी। अक्टूबर 2026 में अनंत सिंह के भव्य स्वागत के दौरान यह नजारा देखने को मिला था। उन्हें देखने और उनका स्वागत करने के लिए भारी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग इकट्ठा हुए थे।

  • अक्टूबर 2026 में बिहार के मोकामा क्षेत्र और पटना के विभिन्न इलाकों में जनसंपर्क और दौरों के दौरान समर्थकों ने बाहुबली नेता और पूर्व विधायक अनंत सिंह का भव्य स्वागत किया और उन्हें चांदी का मुकुट पहनाया।
  • प्रतिष्ठा में जुटे कई कद्दावर
  • पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की प्रतिष्ठा वाली सीट यूं ही नहीं बनी हुई है। कुछ अभियानों पर गौर कीजिए।
  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीरज कुमार को पॉलिटिकल डॉक्टर कहते कहा कि इलाज हो जाएगा।
  • जब राज्य के स्वास्थ मंत्री निशांत कुमार ने दल बल के साथ कमान संभाली और नालंदा-नवादा का दौरा किया था।
  • पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी संभाला मोर्चा। अनंत सिंह को बुलाया।
  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी निजी अस्पताल गए और नीरज कुमार से भेंट की।
  • पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो नीरज कुमार के घर जा कर मुलाकात की और कहा कि आराम कीजिए, चुनाव हम देखते है।
  • और तो और जब पार्टी के भीष्म पितामह वशिष्ठ नारायण सिंह ने आईसीयू से नीरज कुमार के लिए वोट मांगे।

मोकामा विधायक अनंत सिंह की भूमिका क्यों चर्चा में?

अनंत सिंह का प्रभाव मुख्य रूप से मोकामा और आसपास के इलाकों में माना जाता है। MLC चुनाव में उनकी सक्रियता इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं। हालांकि, उनका स्थानीय प्रभाव स्नातक मतदाताओं के बीच कितने वोटों में बदलता है, इसका आकलन चुनाव परिणाम आने के बाद ही किया जा सकेगा।

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान निर्धारित है और मतगणना 27 अक्टूबर को होनी है। पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह के समर्थन और विरोध का असर चुनावी चर्चा के केंद्र में है। परिणाम बताएंगे कि जेडीयू अपने उम्मीदवार के पक्ष में समर्थन जुटाने में कितनी सफल रहती है और जन सुराज के प्रत्याशी को कितना समर्थन मिलता है।

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