नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2026। दिल्ली नगर निगम (MCD) सदन में वायु प्रदूषण और विकास निधि के मुद्दे पर चर्चा के दौरान गुरुवार, 22 अक्टूबर को जमकर हंगामा हुआ। भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि सदन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मार्शलों को हस्तक्षेप करना पड़ा और महापौर प्रवेश वाही को सुरक्षित बाहर ले जाया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत पार्षदों के वार्ड में विकास कार्यों के लिए धनराशि जारी करने की मांग से हुई। AAP पार्षदों ने आरोप लगाया कि घोषित विकास निधि की पूरी राशि अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। वहीं, महापौर ने तत्काल 25 लाख रुपये जारी करने और चालू वित्त वर्ष में पार्षदों को कुल दो करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की बात कही। विपक्षी पार्षद इससे संतुष्ट नहीं हुए और तत्काल एक करोड़ रुपये जारी करने की मांग करने लगे।
इसके बाद सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। बैठक दोबारा शुरू होने पर दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण और सफाई व्यवस्था पर चर्चा हुई। इसी दौरान पार्षदों के बीच फिर तीखी बहस शुरू हो गई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हंगामे के दौरान पानी और कागजात फेंके गए तथा माइक को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी सामने आए। कांग्रेस और AAP के नेताओं के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई।
महापौर ने मामले को निगम की अनुशासन समिति के पास भेजने की बात कही है। समिति की जांच और सिफारिशों के बाद संबंधित पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई पर फैसला लिया जा सकता है।
इस घटनाक्रम के बीच दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर प्रभावी चर्चा की जरूरत फिर सामने आई है। अब देखना होगा कि नगर निगम इन समस्याओं से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।