पेरिस, 20 अक्टूबर 2026 | अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस की राजधानी पेरिस को लेकर बड़ा बयान दिया है। 19 अक्टूबर 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि पेरिस जल्द ही एक मुस्लिम शहर बन जाएगा। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की आव्रजन नीति की आलोचना करते हुए दावा किया कि दूसरे देशों से बड़ी संख्या में लोगों को आने देने का फैसला गलत रहा है। ट्रंप ने मैक्रों को फ्रांस की सीमाएं बंद करने की सलाह देने की बात भी कही।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस की राजधानी पेरिस को लेकर बड़ा बयान दिया है। 19 अक्टूबर 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि पेरिस जल्द ही एक मुस्लिम शहर बन जाएगा। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की आव्रजन नीति की आलोचना करते हुए दावा किया कि दूसरे देशों से बड़ी संख्या में लोगों को आने देने का फैसला गलत रहा है। ट्रंप ने मैक्रों को फ्रांस की सीमाएं बंद करने की सलाह देने की बात भी कही।
प्यू रिसर्च सेंटर के मुताबिक, फ्रांस में करीब 46% लोग ईसाई हैं। करीब 43% लोग किसी धर्म को नहीं मानते। मुस्लिम आबादी करीब 9% है। हिंदू, बौद्ध और दूसरे धर्मों को मानने वाले लोगों की संख्या करीब 1% है।
हालांकि, फ्रांस में जनगणना के दौरान लोगों से उनके धर्म के बारे में नियमित रूप से जानकारी नहीं ली जाती। इसलिए अलग-अलग सर्वे में ये आंकड़े कुछ अलग हो सकते हैं।
फ्रांस के 2019-20 के सरकारी सर्वे में 18 से 59 साल के लोगों में 10% ने खुद को मुस्लिम और 29% ने कैथोलिक ईसाई बताया था। वहीं, 51% लोगों ने कहा कि वे किसी धर्म को नहीं मानते।
क्या पेरिस सचमुच मुस्लिम बहुल शहर बनने जा रहा है?
ट्रंप के बयान और जनसांख्यिकीय आंकड़ों के बीच अंतर समझना जरूरी है। फ्रांस में धर्म के आधार पर आधिकारिक जनगणना संबंधी आंकड़े सीमित हैं, इसलिए पेरिस की धार्मिक आबादी में भविष्य में होने वाले बदलावों का सटीक अनुमान लगाना आसान नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों में ट्रंप के इस दावे की पुष्टि करने वाला कोई स्थापित जनसांख्यिकीय पूर्वानुमान सामने नहीं आया है।
इसलिए पेरिस के जल्द मुस्लिम बहुल शहर बन जाने की बात को प्रमाणित तथ्य के बजाय ट्रंप के राजनीतिक दावे के रूप में देखा जाना चाहिए। किसी शहर की धार्मिक या सांस्कृतिक पहचान को लेकर निष्कर्ष निकालने के लिए विश्वसनीय आंकड़ों और दीर्घकालिक जनसंख्या रुझानों की जरूरत होती है।
आव्रजन नीति पर फिर तेज हो सकती है बहस
ट्रंप के बयान ने फ्रांस में आव्रजन, सामाजिक एकीकरण और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक ओर सीमा नियंत्रण और सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विरोध प्रदर्शनों के पीछे आर्थिक परेशानियों और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े सवाल भी महत्वपूर्ण हैं।
आने वाले दिनों में फ्रांस सरकार की प्रतिक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े फैसलों पर नजर रहेगी। फिलहाल, ट्रंप का बयान उनकी आव्रजन नीति संबंधी सोच को दर्शाता है, लेकिन पेरिस के भविष्य को लेकर उनका दावा अपने आप में किसी प्रमाणित जनसांख्यिकीय बदलाव का सबूत नहीं है।