नई दिल्ली, 19 अक्टूबर 2026 | राजधानी दिल्ली में यमुना नदी और उसके घाटों को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को ‘चलो यमुना अभियान’ के तहत व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। दिल्ली सरकार के इस अभियान में यमुना के दोनों किनारों पर 70 स्थानों पर सफाई की गई। इसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आईटीओ के पास हाथी घाट पर सफाई अभियान में भाग लिया। इस दौरान घाटों और नदी के आसपास बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, खंडित मूर्तियां, पूजा सामग्री, कपड़े और अन्य कचरा मिलने की बात सामने आई। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे धार्मिक सामग्री, प्लास्टिक रैपर और अन्य कचरा यमुना में या उसके किनारों पर न डालें। उन्होंने नागरिकों से ‘यमुना प्रहरी’ बनकर नदी की स्वच्छता में योगदान देने का आग्रह किया।
सरकार के अनुसार, यमुना में प्रदूषण कम करने के लिए नालों को टैप करने, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट सुविधाएं विकसित करने तथा नालों से गाद हटाने जैसे उपायों पर काम किया जा रहा है।
हालांकि, घाटों की सफाई अपने आप में नदी के पानी की गुणवत्ता में सुधार का प्रमाण नहीं है। यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए कचरे को नदी में जाने से रोकना, सीवेज का प्रभावी उपचार करना और नियमित निगरानी जरूरी है। अभियान का दीर्घकालिक प्रभाव जल गुणवत्ता के आंकड़ों से ही स्पष्ट होगा।