अमृतसर , 17 अक्टूबर 2026 । पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की तस्वीर अब अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब यानी गोल्डन टेंपल परिसर के केंद्रीय सिख संग्रहालय में लगाई जाएगी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने 17 अक्टूबर 2026 को इसकी घोषणा की। यह फैसला झोटा के नशा विरोधी अभियान और पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए किए गए उनके प्रयासों को याद रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
हरजिंदर सिंह धामी ने परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात भी की। उन्होंने कहा कि यह पहल नशे के खिलाफ झोटा के संघर्ष और पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के उनके संकल्प की याद दिलाएगी।
नशे के खिलाफ अभियान के दौरान हुई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे। रिपोर्टों के मुताबिक, 13 अक्टूबर 2026 को एक मेडिकल स्टोर पर विवाद के दौरान उन्हें गोली मार दी गई थी। बताया गया कि झोटा ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेचे जाने को लेकर मेडिकल स्टोर संचालक से सवाल किया था। इस घटना में झोटा की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए।
मामले में मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार को आरोपी बताया गया है। घटना के बाद पुलिस ने उसे राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया था। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच महत्वपूर्ण है।
घायलों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता
SGPC अध्यक्ष ने झोटा के साथ घटना में घायल हुए चार लोगों के लिए भी आर्थिक सहायता की घोषणा की। प्रत्येक घायल को पांच लाख रुपये देने की बात कही गई है। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर श्री गुरु राम दास जी मेडिकल कॉलेज, अमृतसर में उनके इलाज का खर्च उठाने की पेशकश भी की गई।
इस सहायता का उद्देश्य घायलों के उपचार और परिवारों को इस मुश्किल समय में सहारा देना है।
केंद्रीय सिख संग्रहालय में तस्वीर लगाने का क्या है महत्व?
अमृतसर के गोल्डन टेंपल परिसर में स्थित केंद्रीय सिख संग्रहालय में सिख इतिहास, धार्मिक परंपराओं और समुदाय से जुड़ी महत्वपूर्ण हस्तियों की स्मृतियों को संजोया जाता है। यहां परविंदर सिंह झोटा की तस्वीर लगाने का फैसला उनके नशा विरोधी अभियान को सार्वजनिक स्मृति में स्थान देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का विषय रही है। झोटा की तस्वीर लगाए जाने के ऐलान के साथ SGPC ने युवाओं को नशे से बचाने के अभियान को आगे बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया है।
नशे के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाने पर जोर
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद उनके समर्थकों और परिवार के लिए न्याय की मांग भी प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। इस बीच SGPC ने उनके योगदान को सम्मानित करने और घायलों की सहायता करने की घोषणा की है।
तस्वीर लगाए जाने की पहल के जरिए झोटा के नशा विरोधी अभियान को याद रखा जाएगा। हालांकि, पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के लिए जागरूकता के साथ-साथ अवैध नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर कार्रवाई, उपचार सुविधाओं और युवाओं के पुनर्वास पर भी लगातार ध्यान देना जरूरी है।