हरियाणा , 16 अक्टूबर 2026 । हरियाणा में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जा रही है। खासकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शामिल जिलों में निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके डीजल और पेट्रोल वाहनों की पहचान कर उन्हें नियमों के अनुसार सड़क से हटाने की तैयारी है। राज्य सरकार ने पुराने वाहनों पर निगरानी बढ़ाने के लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाने की योजना बनाई है। वहीं, जिला प्रशासन ने वाहन मालिकों से समय सीमा पूरी कर चुके वाहनों को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों पर जमा कराने की अपील की है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार के अनुसार 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों को पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्रों (आरवीएसएफ) में स्क्रैप कराने पर जोर दिया जा रहा है। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पुराने वाहन वायु प्रदूषण बढ़ाने के साथ-साथ रखरखाव पर अधिक खर्च और सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का कारण भी बन सकते हैं। ऐसे में वाहन मालिकों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जिम्मेदारी निभाते हुए निर्धारित मानकों के अनुसार अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने के लिए आगे आना चाहिए।
10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर नजर
हरियाणा के NCR क्षेत्र में लागू निर्देशों के तहत 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है। इन वाहनों की पहचान के लिए परिवहन विभाग तकनीक का सहारा ले रहा है।
सरकार की योजना के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर लगाए जाने वाले ANPR कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट पढ़कर उन्हें वाहन डेटाबेस से मिलाएंगे। इससे निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों की पहचान करने और नियमों को लागू करने में मदद मिलेगी।
गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में विशेष निगरानी
पहले चरण में हरियाणा के चार NCR जिलों में 775 ANPR कैमरे लगाने की योजना सामने आई है। इसके लिए लगभग 41.74 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी।
- गुरुग्राम: 249 कैमरे
- सोनीपत: 215 कैमरे
- झज्जर: 195 कैमरे
- फरीदाबाद: 116 कैमरे
राज्य में कुल 2,780 कैमरे लगाने की व्यापक योजना भी बताई गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य पुराने वाहनों की पहचान, ईंधन आपूर्ति पर रोक और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों के पालन को अधिक प्रभावी बनाना है।
रोहतक जिला परिवहन कार्यालय की 10 अक्टूबर की जानकारी के अनुसार, जिले में आयु सीमा पूरी कर चुके 7,667 वाहनों को चिह्नित किया गया था। इनमें 1,256 पेट्रोल और 6,411 डीजल वाहन शामिल बताए गए। अधिकारियों ने कहा कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद संबंधित वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
झज्जर जिला प्रशासन ने भी 15 अक्टूबर को पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों को अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्रों पर जमा कराने की अपील की। प्रशासन ने चेतावनी दी कि नियमों का पालन नहीं करने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुराने वाहन स्क्रैप कराने पर मिल सकते हैं लाभ
हरियाणा में पात्र पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने और नए, कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन अपनाने के लिए प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, कुछ श्रेणियों के पुराने वाहनों को अधिकृत केंद्र पर स्क्रैप कराने और निर्धारित शर्तों के अनुसार नया वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर तथा पंजीकरण शुल्क में छूट मिल सकती है।
लाभ वाहन की श्रेणी, प्रदूषण मानक और योजना की पात्रता पर निर्भर करेंगे। इसलिए वाहन मालिकों को आवेदन करने से पहले संबंधित परिवहन कार्यालय से लागू शर्तों की पुष्टि करनी चाहिए।
यदि आपका वाहन हरियाणा के NCR क्षेत्र में पंजीकृत है, तो उसकी आयु और लागू नियमों की जानकारी परिवहन विभाग से जरूर जांचें। निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके वाहन के मामले में अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र, वाहन को NCR से बाहर ले जाने से जुड़े लागू नियम और उपलब्ध प्रोत्साहनों की जानकारी प्राप्त करें। केवल वाहन की उम्र के आधार पर हर स्थिति में एक जैसा निष्कर्ष निकालने के बजाय संबंधित आदेश और वाहन की श्रेणी की पुष्टि करना जरूरी है।