पटना, 16 अक्टूबर 2026 । बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भगवान राम से जुड़े बयान पर विवाद गहरा गया है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भगवान श्रीराम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकारी आवास योजना का लाभार्थी बताना राजनीतिक अहंकार को दर्शाता है। उन्होंने इस बयान की तुलना बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा नेताओं के कथित ‘कुत्ता-बिल्ली’ वाले बयान से की।
प्रशांत किशोर के मुताबिक, राजनीतिक दलों को जनता और धार्मिक आस्थाओं के प्रति विनम्रता रखनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मताधिकार का इस्तेमाल नेताओं के बयानों और उनके कामकाज को ध्यान में रखकर करें। हालांकि, सम्राट चौधरी के बयान को अहंकार बताना प्रशांत किशोर की राजनीतिक प्रतिक्रिया है, कोई निर्विवाद तथ्य नहीं।
आदमी का अहंकार हर दिन दिखता
प्रशांत किशोर की ओर से सीएम सम्राट चौधरी का एक वीडियो क्लिप जारी किया गया है, जिसमें सीएम कह रहे- प्रभु श्री राम भी इंतजार कर रहे थे कि मोदी जी हमको घर कब दोगे? उन्होंने इस बयान पर तंज कसते हुए कहा कि भगवान को भी घर अब बीजेपी वाले पीएम मोदी से दिलवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी का जो अभी बयान आया है, इसी तरह का एक बयान बांकीपुर उपचुनाव के पहले भी आया था। भाजपा नेता अहंकारी हो गए हैं कि उनका कहना था कि कुत्ता-बिल्ली को भी उम्मीदवार बना देंगे, तो जनता बीजेपी को ही वोट देगी। लेकिन जब बीजेपी चुनाव हार गई तो भाजपा की ओर से उसका खंडन करते हुए कहा गया कि उनकी ओर से ऐसी कोई बात नहीं कही गई। लेकिन आदमी का अहंकार रोज दिखता है। उन्होंने भगवान राम को भी सरकारी लाभार्थी बताने की कोशिश पर बीजेपी पर निशाना साधा है।
सम्राट चौधरी ने भगवान राम को लेकर क्या कहा था?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि भगवान श्रीराम भी इंतजार कर रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें घर कब देंगे। उन्होंने राम मंदिर निर्माण और प्रधानमंत्री आवास योजना का संदर्भ देते हुए कहा कि जब सरकार करोड़ों लोगों को पक्के मकान उपलब्ध करा रही थी, तब भगवान राम भी अपने घर की प्रतीक्षा कर रहे थे।
इसी बयान को लेकर विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए। प्रशांत किशोर ने कहा कि भगवान श्रीराम को सरकारी योजना का लाभार्थी बताना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, इस तरह की टिप्पणी नेताओं के अहंकार को दर्शाती है।
प्रशांत किशोर ने अपने हमले में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले भाजपा नेताओं की ओर से ऐसी बातें कही गई थीं कि पार्टी किसी को भी उम्मीदवार बना दे, यहां तक कि ‘कुत्ता-बिल्ली’ को भी, तब भी भाजपा जीत जाएगी।
PK ने इस कथित बयान को राजनीतिक अहंकार का उदाहरण बताया और कहा कि नेताओं को जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए। यह टिप्पणी उन्होंने मौजूदा विवाद के संदर्भ में की।
जनता से की वोट के जरिए जवाब देने की अपील
प्रशांत किशोर ने मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव में अपने वोट का इस्तेमाल नेताओं के बयानों और उनके कामकाज के आधार पर करें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए भगवान राम को भी सरकारी लाभार्थी के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।
जन सुराज संस्थापक ने रोजगार, शिक्षा और गरीबों को मिलने वाली सुविधाओं जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जनता को चुनाव के दौरान इन विषयों पर सवाल पूछने चाहिए। ये सभी बातें प्रशांत किशोर के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज
सम्राट चौधरी के बयान और प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया ने बिहार में सियासी बहस को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। इस विवाद में धार्मिक आस्था, सरकारी योजनाओं और राजनीतिक भाषा के इस्तेमाल जैसे मुद्दे सामने आए हैं।
आने वाले दिनों में भाजपा और जन सुराज की ओर से इस मामले पर आगे की प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण रहेंगी। फिलहाल, प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री के बयान को अहंकार से जोड़ते हुए जनता से चुनाव में जवाब देने की अपील की है।