फतेहाबाद , 14 अक्टूबर 2026 । हरियाणा के फतेहाबाद जिले की रतिया तहसील में विजिलेंस टीम ने रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने तहसील कार्यालय में तैनात रजिस्ट्री क्लर्क बलविंदर सिंह को 4,000 रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। आरोप है कि क्लर्क ने जमीन से जुड़े काम को पूरा करने के बदले शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जाल बिछाकर कार्रवाई की।
विजिलेंस ने यह कार्रवाई पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नथवान द्वारा दी गई सूचना के आधार पर की है। उन्होंने सूचना दी थी कि उनके एक साथी से दादा लाई जमीन की कन्वैस डीड करवाने के बदले में रजिस्ट्री कलर्क 5000 रुपए मांग कर रहा है तथा बाद में 4 हजार रुपए में सौदा तय हुआ है।
विजिलेंस ने बिछाया जाल, पैसे लेते ही पकड़ा
शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी की। रिपोर्टों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट को भी शामिल किया गया। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम लेकर तहसील कार्यालय पहुंचा।
जैसे ही शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर क्लर्क को 4,000 रुपये दिए, पहले से तैयार विजिलेंस टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई
हरियाणा का राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ रिश्वत मांगने और स्वीकार करने की शिकायतों पर कार्रवाई करता है। विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शिकायत मिलने पर प्रारंभिक सत्यापन और निर्धारित प्रक्रिया के बाद ट्रैप कार्रवाई की जा सकती है। नागरिक रिश्वत मांगे जाने की स्थिति में संबंधित ब्यूरो से शिकायत कर सकते हैं।
रतिया तहसील में रजिस्ट्री क्लर्क की गिरफ्तारी ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार रोकने और नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने की जरूरत को सामने ला दिया है। अब मामले की जांच में यह स्पष्ट होगा कि शिकायत से जुड़े सभी तथ्य क्या हैं और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।