फिक्की फ्लो लखनऊ के ‘आर्टिसन मेला सीजन-3’ में देशभर के हस्तशिल्प की अनूठी छटा

खादी भवन में 50 से अधिक स्टॉल, दिवाली की खरीदारी के साथ कारीगरों को मिला बाजार और पहचान का मंच

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश, 12,अक्टूबर 2026। भारतीय हस्तशिल्प, पारंपरिक कला और कारीगरों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की दिशा में फिक्की फ्लो लखनऊ ने चेयरपर्सन सिमरन साहनी के नेतृत्व में डालीबाग स्थित खादी भवन में ‘आर्टिसन मेला सीजन-3’ का आयोजन किया। मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए कारीगरों और बुनकरों ने अपने पारंपरिक उत्पादों एवं कलाकृतियों का प्रदर्शन किया। इस पहल का उद्देश्य कारीगरों को बाजार उपलब्ध कराने, उनकी कला को पहचान दिलाने और उन्हें ग्राहकों से सीधे जोड़कर आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।

छोटी-सी पहल के रूप में शुरू हुआ यह मेला आज एक व्यापक मंच का रूप ले चुका है। इस संस्करण में 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, ओडिशा, कश्मीर, पंजाब, महाराष्ट्र, बंगाल सहित कई राज्यों के कारीगर भाग ले रहे हैं।फिक्की फ्लो लखनऊ की ओर से कारीगरों को निःशुल्क प्रदर्शनी स्थल उपलब्ध कराया गया है, ताकि वे बिना अतिरिक्त प्रदर्शनी लागत के अपने उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचा सकें और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।

दिवाली और त्योहारों की खरीदारी को ध्यान में रखते हुए मेले में हस्तशिल्प एवं घरेलू सजावट के उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है। इनमें लखनऊ की प्रसिद्ध चिकनकारी, ब्लू पॉटरी, पटोला साड़ियां, हथकरघा उत्पाद, जूट के सामान, मधुबनी पेंटिंग, मार्बल की सजावटी वस्तुएं, हड्डी की नक्काशी, आभूषण, ब्लॉक प्रिंट, होम लिनन, मोमबत्तियां, दीये, बंधनवार, रीसाइकल्ड सजावटी वस्तुएं और शहद सहित कई उत्पाद शामिल हैं। खास बात यह है कि यहां ग्राहकों को पारंपरिक शिल्प और स्थानीय कला से जुड़े उत्पाद वाजिब कीमतों पर खरीदने का अवसर मिल रहा है।
मेले को केवल खरीदारी तक सीमित न रखते हुए इसे उत्सवपूर्ण अनुभव बनाने के लिए मनोरंजक कार्यक्रमों, लकी ड्रॉ और खानपान के स्टॉल की भी व्यवस्था की गई है। नवरात्रि के विशेष व्यंजन भी आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र हैं। हस्तशिल्प, स्वादिष्ट व्यंजनों और उत्सवी माहौल का यह संगम मेले को परिवार के साथ खरीदारी और समय बिताने के लिए एक खास स्थान बनाता है।

फिक्की फ्लो लखनऊ की यह पहल पारंपरिक कारीगरों और ग्राहकों के बीच की दूरी कम करने के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने तथा हस्तशिल्प क्षेत्र में आजीविका के टिकाऊ अवसर विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस प्रकार के आयोजन न केवल स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर की कला को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि कारीगरों को अपने उत्पादों के लिए नए ग्राहक और बाजार तलाशने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम का सफल आयोजन इवेंट चेयर अदिति जग्गी रस्तोगी और रिया पंजाबी ने किया। उनके समर्पित प्रयासों ने ‘आर्टिसन मेला सीजन-3’ को कारीगरों, बुनकरों और ग्राहकों के बीच सार्थक संवाद एवं व्यावसायिक जुड़ाव स्थापित करने वाला प्रभावी मंच बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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