अमेरिका में पहली बार लाइवस्ट्रीम होगी फांसी की सजा?

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नई दिल्ली, 09 अक्टूबर 2026 । अमेरिका में मृत्युदंड को लेकर एक ऐसा फैसला सामने आया है, जिसने कानूनी और नैतिक बहस छेड़ दी है। पेंटागन ने घोषणा की है कि 2009 के फोर्ट हूड सैन्य अड्डे पर हुए हमले के दोषी निदाल मलिक हसन को दी जाने वाली मौत की सजा को लाइवस्ट्रीम किया जाएगा। यह मामला इसलिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका में किसी कानूनी फांसी या मृत्युदंड की लाइवस्ट्रीमिंग की ऐसी योजना अभूतपूर्व है।

अमेरिका में पहली बार मौत की सजा को लाइव टीवी पर दिखाया जाएगा। पूर्व आर्मी मेजर निदाल हसन को गोली मारकर मौत की सजा दी जाएगी।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि इस सजा का लाइव टेलिकास्ट किया जाएगा, ताकि आम लोग इसे देख सकें। BBC के मुताबिक, 100 साल में यह अमेरिका में पहली सार्वजनिक तौर पर दी गई मौत की सजा होगी।

हसन ने 2009 में टेक्सास के सैन्य अड्डे पर धार्मिक नारा लगाते हुए गोलीबारी की थी, जिसमें 13 सैनिकों की मौत हो गई थी। अब 3 दिसंबर को यहीं मौत की सजा दी जाएगी।

कौन है निदाल मलिक हसन?

निदाल मलिक हसन अमेरिकी सेना में मनोचिकित्सक रह चुका है। साल 2009 में टेक्सास स्थित फोर्ट हूड सैन्य अड्डे पर हुई गोलीबारी में 13 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 32 लोग घायल हुए थे। इस हमले के मामले में हसन को दोषी ठहराया गया और 2013 में उसे मौत की सजा सुनाई गई।

अब अमेरिकी सेना ने उसकी सजा को 3 दिसंबर 2026 को फायरिंग स्क्वॉड के जरिए लागू करने की तारीख तय की है। यह वही सैन्य अड्डा है, जहां 2009 में हमला हुआ था।

अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारियों ने 8 अक्टूबर को बताया कि हसन की प्रस्तावित सजा का लाइव प्रसारण किया जाएगा। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी इस फैसले का समर्थन किया है और सजा को सार्वजनिक रूप से देखे जाने की बात कही है।

हालांकि, लाइवस्ट्रीम किस माध्यम से होगी, इसे कौन देख सकेगा और प्रसारण की तकनीकी व्यवस्था क्या होगी, इस बारे में विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

अमेरिका में यह फैसला क्यों है असाधारण?

अमेरिका में पिछले कई दशकों से मृत्युदंड की प्रक्रिया आम तौर पर बंद और सीमित गवाहों की मौजूदगी में पूरी की जाती रही है। 1936 में केंटकी में रेनी बेथिया को फांसी दिए जाने की घटना को अमेरिका में अंतिम व्यापक रूप से मान्य सार्वजनिक फांसी माना जाता है।

इसके बाद मृत्युदंड की प्रक्रिया को सार्वजनिक तमाशा बनाने से बचाने पर जोर दिया गया। अब लाइवस्ट्रीमिंग की योजना ने एक बार फिर यह बहस शुरू कर दी है कि क्या सरकार को मृत्युदंड की प्रक्रिया को व्यापक दर्शकों के सामने प्रसारित करना चाहिए।

कानूनी और नैतिक सवाल भी उठे

इस फैसले पर कानूनी विशेषज्ञों और मानवाधिकार से जुड़े लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि मृत्युदंड को लाइव प्रसारित करने से न्यायिक प्रक्रिया एक सार्वजनिक तमाशे में बदल सकती है। वहीं, इस फैसले के समर्थक इसे पारदर्शिता और सरकार की जवाबदेही से जोड़कर देखते हैं।

इस मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि क्या हसन या उसके वकील लाइवस्ट्रीमिंग को रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। फिलहाल प्रसारण के खिलाफ किसी अंतिम न्यायिक फैसले की जानकारी सामने नहीं आई है।

क्या सजा तय तारीख पर ही होगी?

हसन की सजा के लिए 3 दिसंबर 2026 की तारीख घोषित की गई है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया और संभावित अपीलों के कारण इसमें बदलाव हो सकता है। इसलिए लाइवस्ट्रीमिंग की घोषणा को प्रस्तावित योजना के रूप में देखना चाहिए, न कि यह मानना चाहिए कि प्रसारण निश्चित रूप से उसी दिन होगा।

इस मामले पर अमेरिका में मृत्युदंड की नीति, सैन्य न्याय व्यवस्था और सार्वजनिक पारदर्शिता को लेकर बहस जारी रहने की संभावना है।

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