बलिया में INDIA गठबंधन का प्रदर्शन, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
नई दिल्ली, 08 अक्टूबर 2026 । उत्तर प्रदेश के बलिया में INDIA गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान गठबंधन के नेताओं ने संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का मुद्दा उठाया। नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर लोगों के बीच सवाल पैदा हो रहे हैं।
सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने BJP को चेतावनी देते हुए कि कहा समय रहते बीजेपी नहीं चेतती है ,तो ज्ञानेश कुमार के आंच से भारतीय जनता पार्टी जल जायेगी। प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद रामा शंकर राजभर ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि “संविधान की ताकत को मुख्य चुनाव आयुक्त अपमानित कर रहे हैं।” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी नहीं चेती तो ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उठ रही राजनीतिक नाराजगी का असर भाजपा पर पड़ेगा।
‘संविधान की ताकत को अपमानित करने’ का आरोप
प्रदर्शन के दौरान INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। नेताओं का कहना था कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मौजूदा परिस्थितियों में चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में संदेह पैदा हो रहा है। हालांकि, ये राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों के आरोप हैं और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
SIR को लेकर भी विपक्ष का विरोध
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का मुद्दा मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR से भी जुड़ा है। विपक्षी दल लगातार आरोप लगा रहे हैं कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं।
इसी मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन कर रहा है। बिहार में भी विपक्षी दलों ने SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन किए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई है।
बलिया प्रदर्शन में गठबंधन नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची से लेकर मतदान तक पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और संदेह से परे होनी चाहिए। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता का अधिकार सबसे महत्वपूर्ण है।
विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग से जुड़े विवादों के समाधान और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग की।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग अब केवल बलिया तक सीमित नहीं है। INDIA गठबंधन के कई दलों ने दिल्ली और अन्य राज्यों में भी प्रदर्शन किए हैं। 7 अक्टूबर को दिल्ली में विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया था, जिसके दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
विपक्ष का कहना है कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए। दूसरी ओर, इन राजनीतिक आरोपों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अलग-अलग पक्षों के अपने दावे हैं।
बलिया प्रदर्शन के बाद आगे क्या?
बलिया में प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब विपक्षी दल इस मुद्दे को आगे भी उठाने की तैयारी में हैं। INDIA गठबंधन पहले ही SIR और CEC को लेकर देशभर में राजनीतिक अभियान चला रहा है।
ऐसे में आने वाले दिनों में चुनाव आयोग, मतदाता सूची और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का मुद्दा विपक्षी राजनीति में और प्रमुख हो सकता है। हालांकि, इस पूरे विवाद में अंतिम तस्वीर राजनीतिक दलों के आरोपों के बजाय आधिकारिक प्रक्रियाओं और चुनाव आयोग की ओर से सामने रखे गए तथ्यों से स्पष्ट होगी।