10वें दीपोत्सव में रोशनी से नहाएगी रामनगरी,
30 लाख दीयों के लिए 55 हजार लीटर तेल और 65 लाख बातियों का इंतजाम
अयोध्या , 06 अक्टूबर 2026 । अयोध्या में इस साल दीपोत्सव को और भव्य बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। रामनगरी में होने वाले 10वें दीपोत्सव के दौरान करीब 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 55 हजार लीटर तेल और 65 लाख बातियों की व्यवस्था की जा रही है। राम की पैड़ी समेत करीब दो किलोमीटर के क्षेत्र में दीपों की रोशनी और विशेष सजावट देखने को मिलेगी।
दीपोत्सव का आयोजन 5 से 7 नवंबर 2026 तक किया जाना है। श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद की ओर से आयोजन की तैयारियां आगे बढ़ाई जा रही हैं।
30 लाख दिये जलाने का लक्ष्य
परिषद के सीईओ जयेंद्र कुमार ने बताया कि दीपोत्सव में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के टेंडर खुल गए हैं और उनकी वित्तीय समीक्षा की जा रही है। टेंडर हासिल करने वाला वेंडर सामान की आपूर्ति अवध यूनिवर्सिटी को करेगा। उन्होंने बताया कि दीयों की आपूर्ति करने वाले कुम्हारों की और वेंडरों की बैठक बुला कर दोनों में समन्वय कायम किया जाएगा जिससे लोकल कुम्हारों को अधिक आर्डर मिले और प्राथमिकता के आधार पर उनसे दीयों की आपूर्ति ली जा सके। उन्होंने बताया कि 30 लाख दीयों को जलाने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन 32 लाख दीयों की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है।
34 हजार वालंटियर संभालेंगे जिम्मेदारी
इतने बड़े स्तर पर दीप प्रज्वलन के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों को जोड़ा जा रहा है। इस बार करीब 34 हजार वालंटियर आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ये स्वयंसेवक दीये सजाने, उन्हें जलाने और आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे।
वालंटियरों के लिए टी-शर्ट, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की भी व्यवस्था की जा रही है। इससे बड़ी संख्या में छात्र और युवा सीधे दीपोत्सव की तैयारियों से जुड़ेंगे।
150 किलो कपूर और दूसरी सामग्री की भी तैयारी
दीपोत्सव के लिए केवल दीये और तेल ही नहीं, बल्कि कपूर, मोमबत्ती, बाती और अन्य सामग्री की भी व्यवस्था की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 150 किलो कपूर की जरूरत को भी योजना में शामिल किया गया है।
आयोजन से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए पांच टेंडर जारी किए गए हैं। इनमें दीप सामग्री, सजावट, स्टेज निर्माण और अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं।
राम की पैड़ी पर होगा खास आयोजन
राम की पैड़ी इस पूरे दीपोत्सव का प्रमुख केंद्र रहेगी। यहां विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच तैयार किया जाएगा। घाटों और आसपास के क्षेत्र में फूलों तथा रोशनी से सजावट की जाएगी।
प्रमुख मंदिरों को एलईडी लाइटों से सजाने की भी तैयारी है। सरयू तट से लेकर अलग-अलग घाटों तक रोशनी की व्यवस्था की जाएगी, जिससे दीपोत्सव के दौरान अयोध्या का बड़ा हिस्सा आकर्षण का केंद्र बनेगा
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के सामने सुरक्षा, यातायात, सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को व्यवस्थित रखने की चुनौती भी रहेगी।
तैयारियों के तहत संबंधित विभागों के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं। घाटों की साफ-सफाई, बिजली, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है।
अयोध्या का दीपोत्सव पिछले वर्षों में लगातार बड़े पैमाने पर आयोजित होता गया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 2017 में करीब 1.87 लाख दीयों से शुरू हुआ आयोजन 2025 में 26 लाख से ज्यादा दीयों तक पहुंच गया। अब 2026 के 10वें दीपोत्सव में करीब 30 लाख दीये जलाने की तैयारी है।
इस बार दीयों की संख्या बढ़ाने के साथ आयोजन का दायरा और सजावट भी बढ़ाने की योजना है। ऐसे में नवंबर में होने वाला दीपोत्सव अयोध्या के लिए एक बड़े सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन के रूप में सामने आएगा।
अयोध्या में दीपोत्सव की खास तैयारियां
इस साल की तैयारियों में 30 लाख दीयों का लक्ष्य, 55 हजार लीटर तेल, 65 लाख बातियां, 150 किलो कपूर और करीब 34 हजार वालंटियर प्रमुख हैं। इसके अलावा मंदिरों की सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रम, घाटों की रोशनी और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अयोध्या में दीपोत्सव अब केवल दीप जलाने तक सीमित आयोजन नहीं रह गया है। इसके साथ धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पर्यटन और शहर की व्यापक सजावट भी जुड़ गई है। इस बार भी रामनगरी को दीपों की रोशनी से भव्य रूप देने की तैयारियां इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं।