जींद, 05 अक्टूबर 2026 । हरियाणा के जींद जिले के सफीदों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में बैंकिंग प्रक्रिया के दौरान ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक युवती अपने पिता के 1.25 लाख रुपये बैंक खाते में जमा कराने पहुंची थी। इसी दौरान बैंक में मौजूद एक व्यक्ति ने मदद करने के बहाने युवती से संपर्क किया और जमा वाउचर में दर्ज खाता नंबर में कथित तौर पर बदलाव कर दिया। इसके बाद आरोपी मौका देखकर नकदी लेकर बैंक से निकल गया। घटना का पता चलने के बाद बैंक में हड़कंप मच गया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
गांव मुवाना निवासी पवन राणा ने बताया कि उसकी बेटी पायल अपने भाई के साथ रेलवे रोड स्थित एसबीआई शाखा में सवा लाख रुपये जमा कराने गई थी। पायल ने बैंक में पहुंचकर रकम जमा कराने के लिए वाउचर भरा। इसी दौरान मुंह ढके एक व्यक्ति को उसके आसपास घूमते देखा गया। आरोप है कि इसी व्यक्ति ने मौका पाकर वाउचर में दर्ज खाते के अंकों में हेरफेर कर दिया। पायल ने वाउचर और सवा लाख रुपये कैशियर को दिए। कैशियर ने जब वाउचर में दर्ज खाता नंबर कंप्यूटर में डाला तो वह गलत बताया गया। कैशियर ने युवती को इसकी जानकारी दी। इसी दौरान पास खड़े व्यक्ति ने युवती से कहा कि वह पीछे जाकर वाउचर दोबारा भरकर ले आए। युवती उसकी बात पर भरोसा कर पीछे चली गई।
पिता ने बेटी को दिए थे 1.25 लाख रुपये
जानकारी के मुताबिक, गांव मुआना निवासी अमन राणा की तबीयत खराब थी। इसलिए उन्होंने अपनी बेटी को 1.25 लाख रुपये देकर SBI की सफीदों शाखा में रकम जमा कराने भेजा था। युवती बैंक पहुंची और सामान्य प्रक्रिया के तहत कैश डिपॉजिट वाउचर भरने लगी।
इसी दौरान काउंटर के आसपास पहले से मौजूद एक व्यक्ति ने युवती की मदद करने की पेशकश की। युवती ने भरोसा करते हुए उसे अपना फॉर्म दे दिया। यहीं से कथित तौर पर ठगी की पूरी साजिश शुरू हुई।
वाउचर में खाता नंबर बदलने का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने युवती द्वारा भरे गए वाउचर में बैंक खाते के नंबर में बदलाव किया। बताया गया कि नंबर में एक अंक बदलने के बाद जब कैशियर ने उसे सिस्टम में दर्ज किया तो खाता नंबर मैच नहीं हुआ।
इसके बाद आरोपी ने युवती को दूसरा फॉर्म भरने के लिए कहा। युवती जब दोबारा फॉर्म भरने में व्यस्त हुई, उसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर कैश और पासबुक अपने कब्जे में ले ली। इसके बाद वह युवती को पासबुक लौटाकर नकदी लेकर बैंक से बाहर निकल गया।
बैंक से निकलकर दूसरी शाखा में गया आरोपी
घटना के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक आरोपी बैंक से बाहर निकलकर पास स्थित एक PNB शाखा की ओर जाता दिखाई दिया। बैंक में लगे CCTV कैमरों में उसकी गतिविधियां रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है।
पुलिस अब CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान और उसकी गतिविधियों की जांच कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने बैंक में चेहरे का कुछ हिस्सा कपड़े से ढक रखा था।
बैंक में अनजान व्यक्ति से मदद लेना पड़ सकता है भारी
यह घटना बैंक में नकदी जमा करने के दौरान अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत भी बताती है। किसी अनजान व्यक्ति को कैश, पासबुक या बैंकिंग फॉर्म सौंपने से पहले उसकी पहचान सुनिश्चित करना जरूरी है। जमा वाउचर भरने के बाद खाते का नंबर, नाम और रकम को खुद दोबारा जांचना भी महत्वपूर्ण है।
SBI भी ग्राहकों को वित्तीय धोखाधड़ी से सावधान रहने और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत बैंक तथा संबंधित हेल्पलाइन को सूचना देने की सलाह देता है। बैंक की आधिकारिक साइबर सुरक्षा सलाह के अनुसार, साइबर घटना की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर रिपोर्ट की जा सकती है।
पुलिस कर रही आरोपी की तलाश
फिलहाल इस मामले में आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी पुलिस जांच का मुख्य केंद्र है। CCTV फुटेज के जरिए उसकी गतिविधियों को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी पहले से बैंक में मौजूद था या किसी खास ग्राहक को निशाना बनाने के लिए वहां पहुंचा था।
घटना ने बैंक शाखाओं में ग्राहकों की सुरक्षा और काउंटर पर अनधिकृत लोगों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपी ने इस वारदात को अकेले अंजाम दिया या उसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।