ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ विपक्ष का मोर्चा तेज, तेजस्वी यादव ने बताया आगे के आंदोलन का प्लान

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पटना, 05 अक्टूबर 2026 । बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष का विरोध लगातार तेज हो रहा है। पटना में INDIA गठबंधन से जुड़े दलों ने विरोध प्रदर्शन और बैठक के जरिए अपनी रणनीति को आगे बढ़ाया है। विपक्षी दल SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

RJD नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे पर INDIA गठबंधन के साझा आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को विरोध मार्च निकालेंगे। इससे पहले गठबंधन के नेताओं ने देशभर में आंदोलन का कार्यक्रम तैयार किया है।

पटना में INDIA गठबंधन का प्रदर्शन

पटना में INDIA गठबंधन के घटक दलों ने चुनाव आयोग और SIR के खिलाफ विरोध कार्यक्रम आयोजित किए। गांधी जयंती के मौके पर विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा और मतदाता अधिकारों का मुद्दा उठाया।

रिपोर्टों के अनुसार, बिहार में INDIA गठबंधन से जुड़े दलों ने जिला स्तर तक विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की रणनीति पर काम किया है। विपक्ष का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची से वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को मतदाता सूची के पुनरीक्षण और शुद्धिकरण की कवायद के रूप में देखता है।

तेजस्वी यादव ने INDIA गठबंधन की रणनीति को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विपक्षी आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही।

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, तेजस्वी यादव ने बताया कि विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को विरोध मार्च निकालेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई के लिए अपना एक्शन प्लान तैयार कर चुका है।

तेजस्वी के बयानों में चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और SIR से जुड़े आरोप प्रमुख रहे हैं। इन आरोपों को विपक्ष के राजनीतिक दावे के तौर पर देखना जरूरी है, जबकि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया को नियमों के तहत बताया है।

क्या है INDIA गठबंधन का ब्लू प्रिंट?

विपक्षी दलों ने हाल की बैठकों में सिर्फ बिहार तक सीमित आंदोलन के बजाय देशव्यापी अभियान की रणनीति बनाई है। इसमें अलग-अलग राज्यों में विरोध प्रदर्शन, मार्च और संयुक्त कार्यक्रम शामिल हैं।

INDIA गठबंधन की ओर से 2 से 8 अक्टूबर के बीच जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान चलाने की योजना सामने आई है। इसके बाद चुनाव आयोग के खिलाफ संयुक्त प्रदर्शन और आगे की राजनीतिक गतिविधियों का कार्यक्रम भी तय किया गया है।

इस रणनीति में SIR को लेकर मतदाताओं के बीच जागरूकता बढ़ाना और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाना शामिल है।

6 अक्टूबर को विरोध मार्च क्यों अहम?

तेजस्वी यादव के मुताबिक 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद विरोध मार्च निकालेंगे। यह मार्च उस समय हो रहा है जब INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का फैसला किया है।

इसके बाद 7 अक्टूबर को दिल्ली में INDIA गठबंधन के दल चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर संयुक्त प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। इस प्रदर्शन में SIR को वापस लेने और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाने की बात कही गई है।

इस तरह बिहार से शुरू हुई राजनीतिक गतिविधि अब राष्ट्रीय विपक्षी अभियान से जुड़ती दिखाई दे रही है।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। ऐसे समय में INDIA गठबंधन SIR को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठा रहा है।

तेजस्वी यादव के सामने एक तरफ बिहार में गठबंधन को एकजुट रखने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को विपक्ष के साझा अभियान में बदलने की कोशिश भी दिखाई दे रही है।

हालांकि बिहार MLC चुनाव में RJD और कांग्रेस द्वारा अलग-अलग उम्मीदवार उतारे जाने को लेकर भी चर्चा हुई है। तेजस्वी यादव ने इसे गठबंधन में विवाद नहीं माना और कहा कि इस तरह के चुनाव पहले भी अलग-अलग लड़े जाते रहे हैं।

SIR पर चुनाव आयोग और विपक्ष के दावे अलग-अलग

SIR को लेकर विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में नाम हटने से वास्तविक मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण वैध मतदाताओं को सुनिश्चित करने और गलत या अपात्र प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया का हिस्सा है।

यही अंतर अब राजनीतिक विवाद का बड़ा मुद्दा बन चुका है। विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों की मांग कर रहा है, जबकि चुनाव आयोग अपने संवैधानिक दायित्व के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण की बात करता है।

आगे क्या करेगा INDIA गठबंधन?

INDIA गठबंधन का आंदोलन अब अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। बिहार में विरोध कार्यक्रमों के बाद दिल्ली में संयुक्त प्रदर्शन और अन्य राज्यों में अभियान की तैयारी की जा रही है।

तेजस्वी यादव के लिए यह मुद्दा बिहार की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय विपक्षी रणनीति से भी जुड़ गया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि गठबंधन अपने अलग-अलग दलों को किस तरह एक साझा कार्यक्रम के तहत सक्रिय करता है और SIR को लेकर चुनाव आयोग के साथ राजनीतिक तथा कानूनी स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

फिलहाल पटना की रैली और INDIA गठबंधन की बैठकों से यह स्पष्ट है कि ज्ञानेश कुमार, SIR और मतदाता अधिकारों का मुद्दा विपक्ष के राजनीतिक अभियान में प्रमुख स्थान ले चुका है।

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